न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। निपुण शिक्षक ही कुशल छात्रों के निर्माण में महत्ती भूमिका निभाता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए आज स्थानीय गीता निकेतन आवासीय विद्यालय में आचार्य दक्षता वर्ग का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का पहला सत्र योग पर आधारित रहा जिसमें विद्यालय के आचार्य रवि शंकर ने विभिन्न आसन करवाते हुए जीवन में श्वास और निश्वास वायु पर नियंत्रण का जीवन में महत्त्व बताया।तत्पश्चात दीप प्रज्वलन व सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम का आरंभ हुआ।
इसके बाद विद्यालय के प्राचार्य नारायण सिंह ने अपने उद्बोधन में अध्यापक को प्रभावी शिक्षण के लिए नवीनतम तकनीक से परिचित होने पर बल दिया ताकि आचार्यों के ज्ञान का लाभ उठाकर छात्र जीवन में आगे बढ़ सके। उन्होंने अपने वक्तव्य में आगे कहा कि विद्यार्थी के व्यक्तित्व का निर्माण उसके चारों तरफ के वातावरण पर आधारित होता है । अतः छात्र में समरसता, सद्भाव आदि का भाव भी उत्पन्न करने का प्रयास अध्यापक द्वारा किया जाना चाहिए।
तृतीय सत्र में अध्यापकों की शैक्षणिक योग्यता को बढ़ावा देने के लिए छह विषयों पर चर्चा हुई। जिसमें संसाधनो को सक्षम बनना, अध्यापक विकास समावेशन, सुरक्षा व सफ़ाई का महत्त्व, व्यक्तिगत,सामाजिक व भावात्मक विकास,अध्यापक- अधिगम मूल्यांकन रहे। इनमें आचार्यों द्वारा विद्यार्थियों के ज्ञान व रुचि को बढ़ावा देने के लिए संसाधनों को सक्षम बनाना ज़रूरी है ताकि उसका सर्वांगीण विकास हो सकें।
विशेष आवश्यकता वाले छात्रों को सामान्य बच्चों के साथ समावेशित करने पर समाज व छात्र को होने वाले लाभों पर चर्चा हुई। विद्यार्थी जीवन में स्वच्छता के महत्त्व को बताया गया। छात्रों का डिजीटल रिकॉर्ड रखा जाना चाहिए ताकि प्रत्येक छात्र तक पहुंच बढ़ सके। समापन सत्र में प्राचार्य ने सम्बोधित करते हुए कहा कि अभ्यास निपुणता को बढ़ाने में सबसे अहम भूमिका निभाता है। अध्यापक स्वयं नियमित रहकर यह परंपरा अपने छात्रों में हस्तांतरित कर सकते है ।