कंडेला खाप के बाद जिले की कई खापों ने 25 सितंबर की ताऊ देवीलाल सम्मान दिवस रैली से बनाई दूरी
किसान नेता राकेश टिकैत का भी शामिल होने से इनकार
न्यूज डेक्स संवाददाता
यजींद।आम के पेड़ पर आक भी उग जाते हैं और आक पर आम भी शुक्रवार को यह टिप्पणी जिले की खेड़ा खाप के प्रधान सतबीर बरसोला ने विशेष बातचीत के दौरान की।हरियाणवी भाषा मे आक के पौधे को जहर माना गया है। बरसोला ने कहा कि 25 सितबर को जींद की नई अनाज मंडी में होने वाली ताऊ देवीलाल जयंती समारोह को एक राजनीतिक सभा बताया है। जिले की खापें यह मंच सांझा नहीं करेंगी। जिले की कई खापों ने इसकी पुष्टि की है।खेड़ा खाप प्रधान सतबीर बरसोला ने कहा कि ताऊ देवीलाल की औलादें आज आक के पौधे के समान हैं, जो देवीलाल जैसी शख्सियत के आदर्श भूल चुकी हैं। जींद में होने वाली सम्मान दिवस रैली के औचित्य पर ही सवाल उठाते हुए कहा कि आज सभी का उद्देश्य मछली की आंख की तरह तीनों काले कृषि कानून रद्द कराना व एमएसपी की गारंटी का कानून लागू करवाने का होना चाहिए, मगर इनेलो के बैनर तले चौटाला परिवार राजनीति कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नई अनाज मंडी में आयोजित होने वाली रैली में क्षेत्र की खापें शामिल नहीं होंगी। खटकड़ टोल पर चल रहे धरने पर ही ताऊ देवीलाल को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
जींद की रैली इनेलो का एक राजनीतिक मंच है, जिसे खापें सांझा नहीं करेगी। याद रहे की चर्चित कंडेला खाप इस रैली के आयोजन पर पहले ही सवाल उठा चुकी है। उधर, माजरा खाप ने भी कहा है कि उनकी खाप किसी भी राजनीतिक दल की रैली से दूरी बनाकर ही रखेगी। माजरा खाप के प्रवक्ता समुंदर सिंह फोर ने कहा कि उनकी खाप ताऊ देवीलाल को एक किसान महापुरुष मानती है। उनकी जयंती पर खटकड़ टोल पर होने वाले कार्यक्रम में बढ़चढ़ कर भाग लेंगी। किसान आंदोलन के दौरान सभी महापुरुषों की जयंतियां मनाई जाती हैं।-रैली में शामिल नहीं होंगे राकेश टिकैत-इनेलो के तत्वावधान में होने वाली इस रैली के लिए आयोजकों ने भीड़ जुटाने के उद्देश्य से समाचार पत्रों में दिए गए विज्ञापनों में यह प्रचारित किया है कि बड़े किसान नेता राकेश टिकैत सहित देशभर के कई पूर्व मुख्यमंत्री व बड़े नेता पधार रहे हैं।
इनेलो के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव एवं ऐलनाबाद के पूर्व विधायक अभय सिंह चौटाला का दावा भी है कि पूर्व उप प्रधानमंत्री स्व. देवीलाल की याद में होने वाली सम्मान दिवस रैली प्रदेश ही नहीं देश की राजनीति में बडा बदलाव लाएगी। समय के हिसाब से देश को तीसरे मोर्चे की जरूरत है। सम्मान दिवस रैली में देशभर से बडे बडे नेता पहुंचेंगे और तीसरे मोर्चो की आगामी रणनीति को भी तैयार करेंगे। पूर्व प्रधानमंत्री एचके देवगौडा, यूपी के पूर्व सीएम मुलायमसिंह यादव, पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल, जेडीयू के केसी त्यागी, टीएमसी के यशवंत सिन्हा, जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व सीएम फारूख अब्दुला, भाकियू के प्रवक्ता राकेश टिकैत समेत कई बडे नेता शामिल होने का उन्होंने दावा किया है।
इस रैली के मुख्य वक्ता पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला होंगे। सम्मान दिवस रैली में कौन नेता पहुंचेगा, यह तो भविष्य के गर्भ में है, मगर राकेश टिकैत इस रैली में शामिल नहीं होंगे। सयुंक्त किसान मोर्चे के नेता युद्धवीर सिंह ने स्पष्ट करते हुए कहा कि राकेश टिकैत इस रैली में भाग नहीं लेंगे। उन्होंने बताया कि जींद में होने वाली रैली एक राजनीतिक है, जिसका आयोजन इनेलो पार्टी कर रही है। दिल्ली बॉर्डर पर ही ताऊ देवीलाल की जयंती मनाई जाएगी, जिसमें किसान मोर्चे के सभी नेता शामिल होंगे।-हाजिरी की लिहाज से बरकरार हैं रैली पर संकट के बादल-रैली को लेकर जिले में न कोई प्रचार है, न बैनर है और न ही लोगों को निमंत्रण देने के लिए नुक्कड़ सभाओं का आयोजन हुआ है। ऊपर से खापों के रैली में शामिल न होने के ऐलान ने रैली की सफलता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। ऐसे में राजनीतिक आंकलन है कि भीड़ के लिहाज से ताऊ देवीलाल की 108वीं जयंती पर होने वाली रैली आज तक की सबसे कमजोर रैली साबित होगी।