न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। राज्य चुनाव आयोग द्वारा सोमवार को 18 नगरपरिषदों और 28 नगर पालिकाओं के चुनावों का बिगुल फूंका तो बेचैनी थानेसर नगर परिषद से चेयरमैन और पार्षद पद का चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों में पैदा हो गई। घोषणा से पहले थानेसर नगर परिषद के चुनाव में देरी का अंदेशा जताया जा रहा था। वजह साफ थी कि चुनाव कराने के लिए जो तैयारी करनी थी वो ठंडे बस्ते में है। थानेसर नगर परिषद का क्षेत्र विस्तार करने की चर्चा काफी पहले से है। इसमें कुछ नये क्षेत्र शामिल किए गए हैं,जबकि पिपली गांव का मसला अभी भी लटका हुआ है। वार्ड बंदी और मतदाता सूचियों बननी है। मजेदार बात यह है कि थानेसर नगर परिषद के उम्मीदवारों में यह बेचैनी है कि उनके क्षेत्र में चुनाव कब होने वाला। पहल चार पूर्व पार्षदों ने की है। इनमें इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन और पूर्व पार्षद जलेश शर्मा ने चुनाव आयोग को पत्र भेजा है। जलेश शर्मा सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के करीबी है। अन्य तीन जिन पूर्व पार्षदों ने पत्र चुनाव आयोग को भेजे हैं,उनमें मन्नु जैन,संदीप टेका और विवेक मेहता विक्की के नाम शामिल हैं। यह तीनों पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अशोक अरोडा़ के करीबी हैं। काबिलेगौर है कि पत्र में इन पूर्व पार्षदों ने अपने पत्र में सुरेश महाजन बनाम मध्यप्रदेश सरकार को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले का हवाला दिया है। इस फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने सभी प्रदेशों के राज्य निर्वाचन आयोग को स्थानीय निकायों के चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं।


