बंदी सिखों की रिहाई के लिए एसजीपीसी निरंतर प्रयासरत
न्यूज़ डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र । एसजीपीसी मैंबर जत्थेदार हरभजन सिंह मसाना ने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री अमृतसर के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी एडवोकेट पर हुए हमला एक निंदनीय घटना है। ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी कुरुक्षेत्र में पत्रकारों से बातचीत करते हुए एसजीपीसी मैंबर ने कहा कि संस्था के प्रधान पर हमले की घटना को सरकार गंभीरता से ले। सरकार को धरना स्थल पर सुरक्षा के उचित प्रबंध करने चाहिए थे। उन्होंने मांग की कि जिला प्रशासन को भी इस संदर्भ में ठोस कदम उठाने चाहिए। जत्थेदार मसाना ने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबध्ंाक कमेटी श्री अमृतसर ने हमेशा सिखों के अधिकारों के लिए आवाज बुलंद की है। बंदी सिखों की रिहाई के मामले में भी एसजीपीसी द्वारा उचित प्रयास किए जा रहे हैं,जिसके तहत हस्ताक्षर मुहिम भी चलाई गई है। उन्होंने कहा कि बंदी सिखों की रिहाई का मामला सारी कौम का मुद्दा है, जिसके लिए हम सब को एकजुट होना चाहिए। मगर कुछ लोग औछी राजनीति करते हुए एसजीपीसी को निशाना बना रही है, जो कि सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि पंजाब में जब से आम आदमी पार्टी की सरकार बनी है, तभी से आंतक का माहौल है। कानून व्यव्स्था पिट चुकी है और सरकार सुरक्षा व्यव्स्था करने में बिलकुल नाकाम है। एक सवाल के जवाब में एसजीपीसी मैंबर ने कहा कि बंदी सिखों की सजा पूरी हो चुकी है, ऐसे बंदी सिखों को भी नहीं छोड़ा जा रहा है, जिनकी सजा दोगुनी हो चुकी है। देश की सरकार सिखों के लिए दोगली नीति अपना रही है। धर्म प्रचार कमेटी के हरियाणा से मैंबर तजिंदरपाल सिंह लाडवा ने कहा कि एसजीपीसी सिखों की सर्वोच्च संस्था है और यह घटना घोर निंदनीय है। उन्होंने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार बंदी सिखों की रिहाई के लिए कोई कदम नहीं उठा रही। सिखों के साथ अन्याय हो रहा है। सजा भुगतने के बाद भी सिखों को रिहा नहीं किया जा रहा है, जो कि अनुचित है। इस मौके पर एसजीपीसी सब ऑफिस के एडिशनल सैकेटरी डा.परमजीत सिंह सरोहा, इंटरर्नल एडिटर बेअंत सिंह, लीगल सहायक राजपाल सिंह, शिअद जिला प्रधान जरनैल सिंह बोढी, सुखपाल सिंह बुट्टर, तजिंदरपाल सिंह, अमरीक सिंह, अवतार सिंह, मोहिंदर सिंह, सुखजिंदर सिंह मसाना, लखविंदर सिंह, गुरुद्वारा साहिब के मैनेजर अमरिंदर सिंह, जज सिंह, सुखविंदर सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।