हरियाणा एनवायरमेंटल सोसायटी (एचईएस) ने सावन में चलाया पौधारोपण अभियान
एनडी हिन्दुस्तान
कुरुक्षेत्र। पर्यटन नगरी एवं तीर्थों की संगम स्थली कुरुक्षेत्र को हरा-भरा करने में जुटी जानी-मानी संस्था हरियाणा एनवायरमेंटल सोसायटी (एचईएस) ने अपने पौधारोपण अभियान के तहत कुरुक्षेत्र में एक नए चैप्टर की शुरुआत की है। इस चैप्टर के अंतर्गत भारतवर्ष के स्वतंत्रता सेनानियों, अन्य वीर सपूतों तथा वीरांगनाओं के नाम से एक-एक पौधा लगाकर उसकी परवरिश की जाएगी। अभियान की शुरुआत ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तम बाग में स्थित आरती स्थल की बगल में भारत रत्न पूर्व राष्ट्रपति डा. एपीजे अब्दुल कलाम, भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी एवं जाने माने समाजसेवी पद्म विभूषण रतन टाटा को समर्पित एक एक रुद्राक्ष का पौधा लगाकर की। कार्यक्रम की शुरुआत 48 कोस तीर्थ मॉनिटरिंग कमेटी के अध्यक्ष मदन लाल छाबड़ा ने अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से रुद्राक्ष का पौधा लगाकर की। उसके उपरांत संस्था एचईएस के स्टेट कन्वीनर डा. राहुल भारती ने डा. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम से तथा एचईएस के डा. सुरेश चंद्र, श्रीनिवास धीमान, ओम प्रकाश सैनी, मियां सिंह तथा अन्य सदस्यों ने समाजसेवी रतन टाटा व अन्य के नाम से एक-एक पौधा लगाया। अपने संदेश में मुख्य अतिथि मदन छाबड़ा ने लोगों का आह्वान किया कि वह पर्यावरण संरक्षण हेतु अपने स्तर पर यथा संभव योगदान दें। उन्होंने पिछले 35 वर्षों से हरियाणा प्रांत के विभिन्न जिलों में पौधारोपण के क्षेत्र में कार्यरत संस्था एचईएस के कार्य की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि इस संस्था ने कुरुक्षेत्र के अनेकों विभिन्न स्थलों पर पौधारोपण करने के साथ-साथ ब्रह्मसरोवर के चारों ओर की पार्किंग स्थलों को भी हरा भरा कर दिया है। इस अवसर पर संस्था के संस्थापक अध्यक्ष ग्रीन मैन प्रो. एसएल सैनी ने बताया कि उनकी संस्था ने भारत के सभी वीर सपूतों एवं वीरांगनाओं खासकर स्वतंत्रता सेनानियों के नाम से एक-एक पौधा लगाने के अभियान की शुरुआत कुरुक्षेत्र और यमुनानगर जिलों में कर दी है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत मुख्यतः परंपरागत किस्म के पौधे जैसे बरगद, पिलखन, बहेड़ा, पीपल व अर्जुन आदि के पौधे लगाकर उनकी परवरिश की जाएगी। कार्यक्रम को सफल बनाने में जाट धर्मशाला कुरुक्षेत्र से होशियार सिंह, जितेंद्र सिंह, अनीता एवं एचईएस की ओर से सुरेंद्र सैनी तथा प्रो. रामचंद्र ने सहयोग किया।