Home Chandigarh महिला सुंदरकांड सभा द्वारा श्री हनुमंत धाम में भव्य श्रीराम कथा का आयोजन

महिला सुंदरकांड सभा द्वारा श्री हनुमंत धाम में भव्य श्रीराम कथा का आयोजन

by ND HINDUSTAN
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बैंड-बाजों के साथ निकाली गई भव्य 108 कलश यात्रा

श्रीराम कथा का आयोजन 12 मार्च तक

श्रीराम कथा मनुष्य को चरित्रवान एवं मर्यादावान बनाती है : कथा व्यास

एनडी हिन्दुस्तान

चंडीगढ़। समाज में धार्मिक जागरूकता, नैतिक मूल्यों एवं पारिवारिक संस्कारों को सुदृढ़ करने तथा जनमानस को आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करने के उद्देश्य से महिला सुंदरकांड सभा (रजि.), चंडीगढ़ द्वारा सेक्टर 40-बी स्थित श्री हनुमंत धाम में 9 दिवसीय भव्य श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है।श्रीराम कथा के शुभारंभ से पूर्व श्री हनुमंत धाम सेक्टर 40 बी परिसर से भव्य 108 कलश यात्रा निकाली गई, जो लाल द्वारा मंदिर से होते हुए पुनः कथा स्थल पर पहुंची। यह यात्रा सभा की प्रधान नीना तिवाड़ी के नेतृत्व में वृंदावन/चंडीगढ़ से आए कथा व्यास श्री हरि जी महाराज के सानिध्य में संपन्न हुई। इस अवसर पर सभा के सदस्य पाल शर्मा, उषा सिंगला, कुमुद, गायत्री, अलका जोशी, सरला, दीप्ति, सुदर्शन शर्मा, सुनीता आनंद, राज कालिया, कमलेश, कंचन, बबली, उर्मिल सहित अन्य महिलाएं उपस्थित रहीं।यह भव्य यात्रा बैंड-बाजों के साथ सेक्टर के विभिन्न मार्गों से होते हुए कथा स्थल तक पहुंची। जिन-जिन मार्गों से यह कलश यात्रा गुजरी, वहां श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भाव से इसका स्वागत किया। क्षेत्र की विभिन्न कीर्तन मंडलियां भी इस यात्रा में सम्मिलित रहीं।कलश यात्रा से पूर्व माता गौरी एवं श्रीगणेश, भगवान श्रीराम और श्री हनुमानजी की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। तत्पश्चात कलश में वरुण देव सहित समस्त देवी-देवताओं का पूजन किया गया और यात्रा का शुभारंभ हुआ। कथा स्थल पर पहुंचने के उपरांत सर्वप्रथम व्यास पूजन संपन्न किया गया।श्रीराम कथा मनुष्य को मर्यादावान एवं चरित्रवान बनाती है: कथा व्यास श्री हरि जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि जिस व्यक्ति पर भगवान श्रीराम की कृपा हो जाती है, उसका जीवन सफल हो जाता है। उन्होंने बताया कि माता-पिता एवं गुरु की सेवा से श्रेष्ठ फल की प्राप्ति होती है। श्रीराम कथा मनुष्य को जाति-पांति और भेदभाव से ऊपर उठकर धर्म एवं भगवान के प्रति जागरूक करती है।इस दौरान उन्होंने श्रीराम भजन एवं हनुमान चालीसा का मधुर गायन प्रस्तुत किए, जिससे श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।सभा की प्रधान नीना तिवाड़ी ने बताया कि श्रीराम कथा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सेवा का विशेष ध्यान रखा गया है। प्रतिदिन कथा के उपरांत सभी श्रद्धालुओं के लिए दूध एवं प्रसाद का लंगर आयोजित किया जाएगा। आयोजन के समापन अवसर पर जनसाधारण के लिए विशाल भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा।महिला सुंदरकांड सभा द्वारा 4 मार्च से प्रारंभ यह 9 दिवसीय भव्य श्रीराम कथा 12 मार्च तक आयोजित की जाएगी।महिला सुंदरकांड सभा द्वारा श्री हनुमंत धाम में भव्य श्रीराम कथा का आयोजन, ‘जय श्री राम’ के जयकारों से गूंज उठा कथा स्थलबैंड-बाजों के साथ निकाली गई भव्य 108 कलश यात्राचंडीगढ़, 5 मार्च 2026: समाज में धार्मिक जागरूकता, नैतिक मूल्यों एवं पारिवारिक संस्कारों को सुदृढ़ करने तथा जनमानस को आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करने के उद्देश्य से महिला सुंदरकांड सभा (रजि.), चंडीगढ़ द्वारा सेक्टर 40-बी स्थित श्री हनुमंत धाम में 9 दिवसीय भव्य श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है।श्रीराम कथा से पूर्व श्री हनुमंत धाम सेक्टर 40 बी परिसर से भव्य 108 कलश यात्रा निकाली गई, जो लाल द्वारा मंदिर से होते हुए पुनः कथा स्थल पर पहुंची। यह यात्रा सभा की प्रधान नीना तिवाड़ी के नेतृत्व में वृंदावन/चंडीगढ़ से आए कथा व्यास श्री हरि जी महाराज के सानिध्य में संपन्न हुई। इस अवसर पर सभा के सदस्य पाल शर्मा, उषा सिंगला, कुमुद, गायत्री, अलका जोशी, सरला, दीप्ति, सुदर्शन शर्मा, सुनीता आनंद, राज कालिया, कमलेश, कंचन, बबली, उर्मिल सहित अन्य महिलाएं उपस्थित रहीं।यह भव्य यात्रा बैंड-बाजों के साथ सेक्टर के विभिन्न मार्गों से होते हुए कथा स्थल तक पहुंची। जिन-जिन मार्गों से यह कलश यात्रा गुजरी, वहां श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भाव से इसका स्वागत किया। क्षेत्र की विभिन्न कीर्तन मंडलियां भी इस यात्रा में सम्मिलित रहीं।कलश यात्रा से पूर्व माता गौरी एवं श्रीगणेश, भगवान श्रीराम और श्री हनुमानजी की विधिवत पूजा-अर्चना की गई।श्रीराम कथा मनुष्य को मर्यादावान एवं चरित्रवान बनाती है: कथा व्यास श्री हरि जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि जिस व्यक्ति पर भगवान श्रीराम की कृपा हो जाती है, उसका जीवन सफल हो जाता है। श्रीराम कथा मनुष्य को जाति-पांति और भेदभाव से ऊपर उठकर धर्म एवं भगवान के प्रति जागरूक करती है।इस दौरान उन्होंने श्रीराम भजन एवं श्री हनुमान के मधुर गायन प्रस्तुत किए, जिनमें मेरे मन में राम तेरे मन में राम; न स्वर है, न सरगम है, न ताल तराना, हनुमानजी के चरणों में एक फूल चढ़ाना; जय जय श्री राम, जय श्री हनुमानजी जिससे श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।

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