रोहित सरदाना ने पत्रकारिता की बुलंदियों तक पहुंचाया: प्रो. सोमनाथ सचदेवा
रोहित सरदाना राष्ट्रवादी विचारधारा को आगे बढ़ाया: डॉ. अमित आर्य
केयू आईएमसीएंडएमटी, कुका एवं विद्या भारती के संयुक्त तत्वावधान में रोहित सरदाना मेमोरियल अवार्ड- 2026 आयोजित
एनडी हिन्दुस्तान
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के कुशल मार्गदर्शन में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र पूर्व छात्र संगठन एवं विद्या भारती, पूर्व छात्र परिषद और जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा रोहित सरदाना: स्मृति व्याख्यान एवं मेमोरियल अवार्ड- 2026 का आयोजन श्रीमद्भगवद्गीता सदन के सीनेट हॉल में किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्यातिथि अवनीश भटनागर, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विद्या भारती ने राष्ट्र निर्माण में पत्रकारों का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि भारत की हिंदी भाषी पत्रकारिता को अगले महीने 200 वर्ष पूर्ण हो जायेगे क्योंकि जिस राष्ट्रवादी विचारधारा को लिये हिंदी के प्रथम अखबार उदत्त मांर्तड के संपादक जुगल किशोर उपाध्याय ने आरंभ किया था जिससे लंबे संघर्ष के बाद भारत को आजादी मिली थी वही राष्ट्रवादी विचारधारा की सोच को रोहित सरदाना ने अपनी निर्भीक पत्रकारिता के माध्यम से आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि साहित्यकार और पत्रकार ही समाज अपनी निर्भीक लेखनी के माध्यम सेे जागरूक कर सकते और आगे बढ़ा सकते है। रोहित सरदाना की पत्रकारिता वर्तमान समय के पत्रकारों और भावी पत्रकारों के लिए एक प्रेरणा का कार्य कर रही है इसी दिशा में यह स्मृति व्याख्यान और मेमोरियल अवार्ड उसे पूर्ण करता रहेगा। कार्यक्रम में केयू जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा रोहित सरदाना की स्मृति में बनाई गई डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि रोहित सरदाना ने पत्रकारिता की बुलंदियों तक पहुंचाया। रोहित सरदाना ने पत्रकारिता के जिन मूल्यों, आदर्शों को स्थापित किया है उनका भावी पत्रकारों को अनुसरण कर प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने रोहित सरदाना की स्मृति में व्याख्यान और अवार्ड-2026 शिक्षा भारती के पूर्व विद्यार्थी परिषद और जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा आरंभ करना बड़े गर्व की बात है क्योंकि रोहित सरदाना ने एक नई पत्रकारिता का आरंभ किया जिसमें राष्ट्र प्रथम की भावना, राष्ट्र समर्पण की भावना थी। उन्होंने कहा कि बेहद कम उम्र में भारत सरकार द्वारा पत्रकारिता श्रेणी का सबसे बड़ा गणेश शंकर विद्यार्थी अवार्ड मिलना कोई मामूली बात नहीं बल्कि पत्रकारिता के नैतिक मूल्यों सिद्वांतों को दर्शाता है।कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचेदवा ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने सांईस के क्षेत्र में प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों को गोयल अवार्ड, और भारतीय इतिहास के क्षेत्र में ‘इतिहास रत्न सम्मान’ देने की शुरूआत की है और इसी कड़ी में भारतीय पत्रकारिता के क्षेत्र में रोहित सरदाना: स्मृति व्याख्यान एवं ममोरियल अवार्ड- 2026 देने की शुरूआत की है जोकि शिक्षा भारती के पूर्व विद्यार्थी परिषद सहयोगी संस्था के रूप में कार्य करेगी। इसके लिए उन्होंने दोनों आयोजकों एवं सरदाना परिवार को हार्दिक बधाई दी।डॉ. अमित आर्य, कुलगुरु, दादा लखमीचंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स, रोहतक ने बतौर विशिष्ट अतिथि कहा कि रोहित सरदाना राष्ट्रवादी सोच के व्यक्ति थे इसलिए उनकी निर्भीक पत्रकारिता भी राष्ट्रवादी विचारधारा से ओतप्रोत रही। डॉ. आर्य ने कहा कि यह बड़ा इतेफाक ही रोहित सरदाना और अमित पांडे जिन्हें यह अवार्ड दिया गया है दोनों ही मेरे परिचित है। उन्होंने कहा वर्तमान समय में जब मालिक संपादक बने गये हो और पत्रकार अपने नैतिक मूल्यों के साथ बेबाक पत्रकारिता करे यह बड़ी चुनौती है, लेकिन रोहित सरदाना ने इस बडी चुनौती का ना केवल बडी निडरता से सामना किया बल्कि एक लंबी लकीर भी खीची। हमें गर्व है कि रोहित सरदाना ने अपने नैतिक मूल्यों से बिना समझौता किये अपनी राष्ट्रवादी विचारधारा को अंतिम दिनों तक बनाए रखा।संस्थान के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि केयू और विद्या भारती, पूर्व छात्र परिषद द्वारा रोहित सरदाना स्मृति व्याख्यान एवं ममोरियल अवार्ड आरंभ करने का मुख्य उदेश्य अपने पूर्व छात्र को उनकी निर्भीक, बेबाक एवं राष्ट्रवादी सोच को आगे बढ़ाना है जिसके माध्यम से वर्तमान पत्रकारों एवं भावी पत्रकारों को प्ररेणा देना है। उन्होंने कहा कि रोहित सरदाना अवार्ड-2026 न्यूज़-18 के वरिष्ठ पत्रकार श्री अमित पांडे को दिया गया है जो राष्ट्रीय पत्रकारिता में दो दशकों से अधिक कार्य कर है।इस अवसर पर डॉ. सुभाशिनी, यूनिवसिर्टी ऑफ केलनिया, श्रीलंका ने बतौर विशिष्ट अतिथि कहा कि हिंदी के माध्यम से उन्होंने भारतीय पत्रकारिता जगत को जाना है और इस कड़ी में उन्होंने रोहित सरदाना की पत्रकारिता को देखा है। उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, द्वारा आरंभ किए गए इस अवार्ड की प्रंशसा करते हुए कहा कि रोहित सरदाना जैसा पत्रकार बनना और उनके विचारों को आगे बढ़ाना वास्तविक रूप से यह स्मृति व्याख्यान एवं ममोरियल अवार्ड कार्य करेगा। इस मौके पर जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान के विद्यार्थियों द्वारा मग पर रोहित सरदाना के वृत्तचित्र का सभी अतिथियों ने विमोचन किया गया।कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन केयू जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान के शिक्षक डॉ. आबिद अली ने किया। इस अवसर पर डॉ. ममता सचदेवा, विजय नड्डा संगठन मंत्री विद्या भारतीय उत्तर क्षेत्र, संगठन मंत्री बालकिशन, पंकज शर्मा विद्या भारती पूर्व छात्र परिषद, चेतराम, अशोक रोशा, सतीश सैनी, ओमप्रकाश अरोड़ा, पूर्व कुलसचिव डॉ. प्रवीण सैनी, जयभगवान सिंगला, प्रो. सी.डी.एस कौशल, प्रो. नीलम ढांडा, प्रो. अनिल मित्तल, प्रो. रमेश ढांडा, प्रो. तेजेन्द्र शर्मा, प्रो. कुसुमलता, प्रो. रीटा, प्रो. विवेक चावला, डॉ. प्रीतम सिंह, सौरभ चौधरी, राजेश वधवा, जितेन्द्र जीत, डॉ. जितेन्द्र जांगड़ा, डॉ. मधुदीप, रोमा, डॉ. अभिनव, डॉ. रोशनलाल, डॉ. तपेश किरण, अमित जांगड़ा, सचिन वर्मा, गौरव कुमार, रितु, सुनिता, मोनिका दुआ, कंचन शर्मा, प्रिति एवं शोद्यार्थी रोहित, रविना, सुनिल कुमार, सचिन कुमार और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
राष्ट्र ख्याति प्राप्त मीडिया कर्मियों ने भेजे संदेश
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा आयोजित रोहित सरदाना मेमोरियल व्याख्यान एवं अवार्ड कार्यक्रम में आयोजन के लिए रोहित सरदाना के साथ काम करने वाले अनेक मीडिया कर्मियों ने अपने वीडियो संदेश भेजकर कार्यक्रम की शुभकामनाएं प्रेषित की। इनमें आजतक न्यूज चैनल के सुधीर चौधरी, पूर्व प्राचार्या यूनिवर्सिटी कॉलेज डॉ. चांद दत्ता, डॉ. सीडीएस कौशल, रोहित सरदाना की धर्मपत्नी प्रमिला दीक्षित, उनके पिता रतन चंद्र सरदाना, मीमांसा मलिक, प्रदीप सरदाना, प्रखर श्रीवास्तव, सुधीर कुमार ने अपने संदेश में रोहित सरदाना की पत्रकारिता एवं उनके जीवन से जुड़े अहम पहलुओं पर प्रकाश डाला।
रोहित सरदाना मेमोरियल अवार्ड मिलना हमारे लिए किसी गौरव से कम नहीं: सौम्या पांडे
वरिष्ठ पत्रकार अमित पांडे की धर्मपत्नी ने सौम्या पांडे ने रोहित सरदाना अवार्ड-2026 (प्रतीकात्मक) ग्रहण करते हुए कहा कि रोहित सरदाना मेमोरियल अवार्ड मिलना हमारे लिए किसी गौरव से कम नहीं है। यह हमारे परिवार के लिए बेहद हर्ष के पल है कि ज्यूरी ने रोहित सरदाना अवार्ड-2026 के लिए उन्हें चुना। इसके लिए ज्यूरी का बहुत-बहुत आभार जताया। इस अवार्ड के साथ एक प्रशस्ति पत्र और 21000 हजार रुपये की नगद राशि दी गई।
रोहित सरदाना एक विचार: वंदना
रोहित सरदाना स्मृति व्याख्यान एवं मेमोरियल अवार्ड- 2026 आयोजन में सरदाना परिवार से रोहित सरदाना के पिता श्री आर.सी.सरदाना, उनके भाई ललित, बहन हर्षा और भाभी वंदना उपस्थित रही। इस अवसर पर वंदना ने कहा कि स्मृति, सम्मान, प्ररेणा यह तीनों ही उनके परिवार के लिए गर्व और भावात्मक पल है क्योंकि रोहित सरदाना की आवाज, रोहित सरदाना का नाम ही नहीं बल्कि एक विचार का होना है। इसके लिए उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय एवं विद्या भारती का आभार जताया जिन्होंने शिक्षा, संस्कार और सत्कार देने की प्रेरणा दी है।