Home Kurukshetra News केयू के फार्मेसी संस्थान के शोधकर्ताओं की बड़ी उपलब्धि, अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका में प्रकाशित हुआ शोध एवं भारतीय पेटेंट

केयू के फार्मेसी संस्थान के शोधकर्ताओं की बड़ी उपलब्धि, अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका में प्रकाशित हुआ शोध एवं भारतीय पेटेंट

by ND HINDUSTAN
0 comment

कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने दी बधाई

एनडी हिन्दुस्तान

कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में फार्मेसी संस्थान (इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज) ने औषधीय रसायन विज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण शोध उपलब्धि हासिल की है। संस्थान के शोधकर्ताओं द्वारा किया गया शोध कार्य प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका जर्नल ऑफ मॉलिक्यूलर स्ट्रक्चर (एल्सेवियर) में प्रकाशित हुआ है। 4.9 इम्पैक्ट फैक्टर वाली इस पत्रिका में प्रकाशित शोध पत्र 29 जून 2026 को ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया।यह शोध कार्य औषधि विज्ञान संस्थान की शोधार्थी डॉ. संगीता वर्मा द्वारा डॉ. सुखबीर लाल, एसोसिएट प्रोफेसर, औषधि विज्ञान संस्थान, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय तथा डॉ. राकेश नारंग, एसोसिएट प्रोफेसर, औषधीय विज्ञान विभाग, गुरुग्राम विश्वविद्यालय के मार्गदर्शन में संपन्न किया गया। शोध कार्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिकों का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा।कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर संपूर्ण शोध दल को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य तथा औषधीय अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में निरंतर सफलता की शुभकामनाएं दी हैं। संस्थान की निदेशक प्रो. नीरा राघव ने बताया कि “पायराज़ोल-लिंक्ड क्विनोलिन हाइड्राज़ोन व्युत्पन्न- अभिकल्पना, संश्लेषण, रोगाणुरोधी एवं कोशिका-वृद्धि अवरोधी गतिविधियों का डाइहाइड्रोफोलेट रिडक्टेज़ अवरोधन के माध्यम से अध्ययन” विषयक इस शोध में नवीन रासायनिक यौगिकों का अभिकल्पन एवं संश्लेषण किया गया। अध्ययन के दौरान इन यौगिकों ने रोगाणुरोधी तथा कैंसर-रोधी गतिविधियों में अत्यंत उत्साहजनक परिणाम प्रदर्शित किए। शोधकर्ताओं ने इन यौगिकों की डाइहाइड्रोफोलेट रिडक्टेज़ (डीएचएफआर) अवरोधन क्षमता का भी मूल्यांकन किया, जिससे यह संकेत मिला कि ये यौगिक संक्रामक रोगों एवं कैंसर के उपचार के लिए नई औषधियों के विकास में संभावित आधार अणु सिद्ध हो सकते हैं।इस उपलब्धि को और अधिक महत्वपूर्ण बनाते हुए शोध दल द्वारा विकसित यौगिकों पर आधारित “नवीन पायराज़ोल-लिंक्ड क्विनोलिन हाइड्राज़ोन यौगिक रोगाणुरोधी अभिकर्ताओं के रूप में” शीर्षक से भारतीय पेटेंट आवेदन (आवेदन संख्या 202611042946) भी प्रकाशित कराया गया है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा दायर यह पेटेंट 15 मई 2026 को प्रकाशित हुआ, जो विकसित यौगिकों की नवीनता, उपयोगिता एवं औद्योगिकसंभावनाओं को प्रमाणित करता है। यह उपलब्धि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की उच्च स्तरीय वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार तथा औषधि खोज एवं विकास के क्षेत्र में उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। शोध दल ने इस सफलता के लिए विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा, विश्वविद्यालय प्रशासन, डीन तथा फार्मेसी संस्थान के निदेशक के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने शोध कार्य के लिए आवश्यक संसाधन एवं निरंतर सहयोग उपलब्ध कराया।

You may also like

Leave a Comment

NewZdex is an online platform to read new , National and international news will be avavible at news portal

Edtior's Picks

Latest Articles

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?