सुखबीर बादल ने की गठबंधन की घोषणा,बसपा दिग्गज नेता सतीश मिश्रा रहे मौजूद
1996 में 13 में से 11 लोकसभा की सीटों पर जीत दर्ज की थी गठबंधन नेःमिश्रा
न्यूज डेक्स पंजाब
चंडीगढ़।पंजाब की राजनीति में पूरे 25 साल बाद पंजाब में पुराना गठबंधन रीलांच हो गया है। भाजपा से गठबंधन टूटने के बाद शिरोमणि अकाली दल ने नया साथी ढूंढ कर इसकी घोषणा सार्वजनिक रुप से शनिवार को कर दी है। इस घोषणा के बाद बाद पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से अकाली दल बसपा के हाथी पर सवार दिखेगी।आज अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने साफ कर दिया है कि अकाली दल का गठबंधन मायावती की पार्टी के साथ हो गया है और अगला चुनाव दोनों पार्टिया मिलकर लड़ेगी। बादल की इस घोषणा के साथ ही
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों राजनीतिक दलों में समझौता 97 और 20 पर हुआ है,क्योंकि दोनों पार्टियों ने 117 सीटों का बंटवारा कर यह निर्णय लिया है कि अकाली दल 97 सीटों पर और बसपा सिर्फ 20 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। बादल ने इसे पंजाब की राजनीति में नया दिन बताया।
एनडीए के पुराने साथी रहे अकाली दल ने पिछले साल भाजपा का साथ तीन कृषि बिलों का विरोध करते हुए छोड़ दिया था। तभी से यह अटकले लगाई जा रही थी कि अकाली दल और बसपा भविष्य में एक मजबूत गठबंधन कर सकते हैं। अब वही हुआ है और अकाली दल ने बहुजन समाज पार्टी को अधिकतर वही सीटें दी हैं, पिछले चुनवों में जहां अकाली दल से गठबंधन करके भाजपा चुनाव लड़ती रही है।
गठबंधन के ऐलान के मौके पर बसपा के दिग्गज नेता सतीश मिश्रा मौजूद रहे। मिश्रा ने गठबंधन की घोषणा के मौके पर 1996 के लोकसभा चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वह चुनाव दोनों पार्टियों ने मिलकर लड़ा था और 13 में से 11 सीटें अपने नाम की थी।
विधानसभा चुनाव-2022 में जालंधर, जालंधर-पश्चिम, जालंधर-उत्तर, करतारपुर साहिब, फगवाड़ा, होशियारपुर अर्बन, दसूया, रूपनगर जिले में चमकौर साहिब, बस्सी पठाना, पठानकोट में सुजानपुर, मोहाली, अमृतसर उत्तर और अमृतसर सेंट्रल आदि सीटें बसपा के लिए अकाली दल ने छोड़ी है,यहां दोनों दल मिलकर चुनाव लड़ेंगे,जहां प्रत्याशी बसपा का होगा।