बागवानी किसानों को अपने उत्पाद बेचने के लिए मिल पाएगा बाजार
न्यूज डेक्स संवाददाता
पिहोवा। हरियाणा के खेल एवं युवा मामले मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार छोटे-छोटे उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ यूनिट स्थापित करने के लिए अनेकों योजनाओं को अमलीजामा पहनाने का काम कर रही है। सरकार ने प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने पर छोटे उद्यमियों को अनुदान देने का भी एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। इस प्रकार की यूनिट लगने से छोटे व्यापारियों के साथ-साथ किसानों को भी फायदा मिलेगा।
खेलमंत्री संदीप सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने फूड प्रोसेसिंग जैसे व्यवसायों को बढावा देने के लिए निर्णय लिया है। इस निर्णय के तहत राज्य सरकार ने फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने सहित 15 परियोजनाओं को अपनी स्वीकृति दी है। इन परियोजनाओं के लिए सरकार ने 195 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि के बजट का प्रावधान भी किया है। राज्य सरकार की इस फैसले से बागवानी किसानों को अपने उत्पाद बेचने के लिए बाजार भी मिलेगा।
इससे छोटे उद्यमियों के साथ-साथ किसानों को सीधा फायदा मिलेगा। अभी हाल में ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रयासों से ही किसानों को समृद्घ बनाने के लिए बागवानी पोर्टल का भी शुभारंभ किया है। इस पोर्टल पर किसानों के हित के लिए 16 ऑनलाईन सेवाएं शुरू करने का काम किया है। सरकार लगातार किसानों और व्यापारियों के लिए योजनाएं लागू कर रही है ताकि किसानों की आय में इजाफा होने के साथ-साथ फसलों से जुडे उद्यमियों को भी फायदा मिल सके।
खेलमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से पशुपालकों को भी हर प्रकार की सहायता और संवर्धन देने का काम किया जा रहा है। जिसके परिणामस्वरूप दुग्ध उपलब्धता में हरियाणा प्रदेश पहले स्थान पर पहुंच गया है। इतना ही नहीं प्रति व्यक्ति प्रति दिन दुग्ध उपलब्धता में पंजाब को भी पीछे छोड़ दिया है, वर्ष 2019-20 में राज्य की प्रति व्यक्ति प्रति दिन 1344 ग्राम पर पहुंच गई है।
उन्होंने कहा कि पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत पशु पालन के लिए राज्य सरकार की तरफ से सस्ता लोन भी उपलब्ध करवाया जा रहा है। सरकार लगातार पशु पालकों को प्रोत्साहित करने के लिए योजनाओं को अमली जामा पहनाने का काम कर रही है। इसके साथ ही प्रदेश में केन्द्रीयकृत पानी निगरानी प्रणाली को भी तैयार करने का काम किया जा रहा है, किसानों को भू जल उपलब्ध करवाया जाएगा, नदियों का पानी और शोधित पानी भी प्रयोग में लाया जाएगा। इस योजना के तहत जिला, ब्लॉक और गांव को भी शामिल किया जाएगा।