Home haryana नंदीशाला में गौवंश की बहाली को लेकर गौभक्तों ने जाम लगाया,विधायक पर भी लगाए आरोप

नंदीशाला में गौवंश की बहाली को लेकर गौभक्तों ने जाम लगाया,विधायक पर भी लगाए आरोप

by ND HINDUSTAN
0 comment

न्यूज डेक्स संवाददाता

जींद। नंदीशाला में अव्यवस्थाओं पर गोरक्षक जगतानंद महाराज के नेतृत्व में गोभक्तों ने सोमवार सुबह सड़क पर जाम लगा दिया। नंदीशाला में बरसाती पानी की निकासी के लिए कोई व्यवस्था नहीं होने से कीचड़ में गोवंश बेहाल है। जगतानंद महाराज ने आराेप लगाया कि बरसात से बनी दलदल की वजह से कई गोवंश की मौत भी हो चुकी है। लेकिन प्रशासन सुध नहीं ले रहा। गोभक्तों के नंदीशाला के सामने जाम पर बैठने के बाद प्रशासन हरकत में आया। तहसीलदार अजय सैनी ने नंदीशाला का निरीक्षण किया। तहसीलदार अजय सैनी ने नंदीशाला में जाकर व्यवस्था देखी। काफी गाय बीमार पड़ी थी। कीचड़ की वजह से बैठने में गाेवंश को दिक्कत हो रही थी। तहसीलदार ने भी माना कि बरसाती पानी की निकासी ना होने से परेशानी आ रही है। वहीं मच्छरों की समस्या है, इसके लिए फोगिंग कराई जानी चाहिए।

नगर परिषद के एमई भूपेंद्र सिंह अहलावत को तहसीलदार ने नंदीशाला में मिट्टी डलवाने के आदेश दिए। साथ ही गोभक्तों की मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। गोभक्तों ने उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन देते हुए कहा कि प्रशासन और प्रदेश सरकार को नंदीशाला में गोवंश की हो रही अनदेखी को लेकर बार-बार अवगत करा चुके हैं। लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा। उम्मीद है, गोवंश की दयनीय हालत को सुधारने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ कार्रवाई करेंगे। सुबह 11 बजे जाम लगने के बाद सबसे पहले शहर थाना प्रभारी डा. सुनील कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने गोभक्तों से बात की, लेकिन गोभक्तों ने जाम नहीं खोला। वाहनों को सड़क के दूसरी तरफ से निकलवाया गया। एक तरफ का रास्ता बंद होने से पटियाला चौक से रुपया चौक तक जाम की स्थिति रही।

चार साल पहले बनाई थी नंदीशाला

शहर में सड़कों पर घूम रहे बेसहारा गोवंश को चार साल पहले जयंती देवी मंदिर के सामने अस्थायी नंदीशाला बनाकर रोका था। तत्कालीन डीसी अमित खत्री ने नंदीशाला बनवाने से लेकर गोवंश की देखभाल में काफी रुचि ली थी। खत्री के रहते प्रशासन ने समाजसेवी लोगों, उद्योगपतियों व संस्थाओं की बैठक लेकर नंदीशाला की आर्थिक मदद करवाई थी। जिससे शेड, चारा रखने के लिए स्टोर, चहारदीवारी का निर्माण करवाया था। गोवंश की देखरेख के लिए नगर परिषद के 10 कर्मचारियों की भी ड्यूटी लगाई थी। लेकिन जींद उपचुनाव के बाद जब तत्कालीन डीसी अमित खत्री का तबादला हुआ, उसके बाद प्रशासन ने नंदीशाला से मुंह मोड़ लिया। नगरपरिषद के कर्मचारी भी हटा लिए और आर्थिक मदद भी बंद हो गई।

सरकार और प्रशासन से नहीं मिल रही मदद

नंदीशाला के सामने सड़क पर जाम लगाकर बैठे गोभक्तों ने आरोप लगाया कि प्रशासन गोवंश की देखभाल के लिए कोई मदद नहीं कर रहा है। चारे की व्यवस्था समाज की ओर से की जा रही है। दानी सज्जन ही यहां शेड बनवा रहे हैं और फर्श पक्का करवा रहे हैं। गायों के खड़ा होने की जगह कच्ची पड़ी है। जहां बारिश के बाद कीचड़ बन गया है। ऐसे में गायों के लिए इधर-उधर टहलना भी मुश्किल हो रहा है। काफी गाय बीमार हालत में है। चारे की भी कमी है। सरकार गोमाता के नारे लगवा रही है। धरातल पर गायों की देखभाल के लिए कुछ नहीं किया जा रहा।

विधायक पर भी लगाए आरोप

गोभक्त सुमित लाठर ने आरोप लगाया कि नंदीशाला की जगह पर बीजेपी विधायक डा. कृष्ण मिढ़ा अपने पिता के नाम पर पार्क बनवाना चाहते हैं। लेकिन गोवंश की दुर्दशा की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। जब नंदीशाला बनी थी, तब चार हजार से ज्यादा गोवंश था। यहां गोवंश की संख्या बढ़ने की बजाय लगातार घट रही है। गोवंश को पर्याप्त चारा नहीं मिल पा रहा। यहां काम कर रहे कर्मचारियों को वेतन भी नहीं मिल रहा है। अगर गोवंश की सुध नहीं ली गई, तो जल्द ही आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे।

You may also like

Leave a Comment

NewZdex is an online platform to read new , National and international news will be avavible at news portal

Edtior's Picks

Latest Articles

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?