गुलगुले, पूड़े, सुहाली, गुड़ की खीर व घेवर के साथ मनाई तीज, आई तीज, बिखेर गई बीज
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र। विरासत हेरिटेज विलेज में हरियाली तीज का त्योहार धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हरियाणवी खान-पान विशेष रूप से आकर्षण के केन्द्र रहे। हरियाणवी व्यंजनों में गुलगुले, सुहाली, गुड़ की खीर, पूड़े तथा घेवर के साथ तीज के त्योहार की रौनक विशेष आकर्षण का केन्द्र बनी। इस अवसर पर महिलाओं ने पींग के माध्यम से झूलकर तीज के त्योहार को मनाया। इससे पूर्व सभी पारिवारिक सदस्यों का हरियाणवी स्वरूप में स्वागत किया गया। इसके पश्चात हरियाणवी आन की प्रतीक सभी को पगड़ी पहनाई गई। तत्पश्चात दादा खेड़े पर धोक मारकर विधिवत् रूप से पूजा कर तीज के त्योहार की शुरूआत की गई।
इस अवसर पर तीज की पौराणिक महत्ता, सांस्कृतिक परम्पराओं, लोक सांस्कृतिक उपयोगिता एवं उसके बदलते स्वरूप को लेकर विरासत हेरिटेज विलेज की ओर से एक ब्राऊशर भी जारी किया गया। इस ब्राऊशर का उद्देश्य युवा पीढ़ी में तीज की सांस्कृतिक महत्ता का प्रचार-प्रसार करना है। इसके साथ ही साम्मण के गीतों पर महिलाओं ने भरपूर नृत्य कर पीगों के माध्यम से झूलझूल कर तीज के त्योहार को हरियाली तीज के रूप में मनाया। इस मौके पर बच्चों के लिए लोक पारम्परिक खेलों का आयोजन भी किया गया। इसके साथ ही लोक पारम्परिक सेल्फी प्वाईंट विशेष रूप से तीज के आकर्षण का केन्द्र रहे।
तीज के महत्ता के विषय में डॉ. महासिंह पूनिया ने बताया कि तीज लोक सांस्कृतिक परम्पराओं का त्योहार है। इसी त्योहार से देहात में त्योहारों की गठड़ी खोली जाती है। लोकजीवन में कहा भी जाता है कि तीज से त्योहारों की शुरूआत होती है और होली तक यह सिलसिला जारी रहता है। तभी तो कहते हैं आई तीज, बिखेर गई बीज, आई होली, भर के ले गई झोली। सावनी तीज के दिन ही शिव एवं पार्वती का मिलन हुआ। इसके साथ ही लोकजीवन में निहालदे और सुल्तान का मिलन भी सावनी तीज को ही हुआ था। चारों तरफ हरियाली और खुशी के वातावरण का प्रतीक तीज का त्योहार कोथली एवं सिंधारे के लिए भी विशेष रूप से जाना जाता है।
इस अवसर पर विरासत की ओर से सभी परिवारों का विशेष स्वागत किया गया और तीज का त्योहार लोक सांस्कृतिक स्वरूप में मनाने के लिए सभी का धन्यवाद भी किया गया। इस मौके पर रिंकू छाबड़ा, अमित गुलाटी, छवि अग्रवाल, कुलदीप चोपड़ा, डॉ. पंकज शर्मा, रंजन शर्मा, डॉ. नीरज मित्तल, विनय, डॉ. जगमेन्द्र मलिक, डॉ. रामनिवास, हरिकेश पपोसा, डॉ. हरविन्द्र सहित सभी ने सपरिवार हरियाणा का राजकीय त्योहार तीज धूमधाम से मनाया।
