संयुक्त किसान मोर्चा से 26 जनवरी से पहले बड़ा फैसला लेने की मांग
न्यूज डेक्स संवाददाता
जींद। खटकड़ टोल पर किसानों के धरने पर युवा, छात्र, किसान, मजदूर की महापंचायत हुई। अध्यक्षता संगत ट्रस्ट यूके बलजिंद्र सिंह चढियाला ने की। मुख्य वक्त छात्र नेता कृष्ण श्योकंद, रवि आजाद, अभिमन्यु कुहाड़, विकास सींसर ने हिस्सा लिया। महापंचायत में प्रदेश के कौने-कौने से युवा, छात्र, किसान, मजदूर पहुंचे। बाइकों, गाडिय़ों के काफिले के साथ-साथ हाथों में तिरंगे, भाकियू के झंडे लेकर जत्थों के साथ युवा, छात्र पहुंचे। कार्यक्रम आयोजकों की उम्मीद से अधिक भीड़ महापंचायत में हुई। महापंचायत को सफल बनाने के लिए केयूके छात्र संगठन के संयोजक कृष्ण श्योकंद द्वारा अपनी टीम के साथ जिला, ब्लॉक स्तर पर दौरे किए।युवा महापंचायत के माध्यम से संयुक्त किसान मोर्चा से अपील की कि वो 26 जनवरी से पहले चल रहे किसान, मजदूर आंदोलन को लेकर कोई बड़ा फैसले ले।
युवा संयम, अनुशासन में रहते हुए जो संयुक्त किसान मोर्चा फैसला लेगा उसके अनुसार कार्य करेंगी। महापंचायत के माध्यम से मांग की कि संयुक्त किसान मोर्चा इस आंदोलन को एक झंडे के साथ ही अपने हकों की लड़ाई ले, हर गांव में युवाओं के साथ-साथ हर वर्ग के लोगों को लेकर एक कमेटी बनाए।कृष्ण श्योकंद ने कहा कि किसान, मजदूर के इस आंदोलन के साथ युवा, छात्र को जोड़ा जाएगा। गांव-गांव तक आंदोलन को पहुंचाया जाएगा। हर वर्ग के लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। 11 महीने से अधिक का समय आज किसान, मजदूर के आंदोलन को हो चुका है लेकिन केंद्र सरकार आंख मूंदे हुए है।
किसान संयम, अनुशासन से अपना आंदोलन चल रहा है। जब तक तीनों कृषि कानून रद्द नहीं होते, एमएसपी पर कानून नहीं बनता ये आंदोलन जारी रहेगा।उन्होंने कहा कि सरकार की हर कोशिश अब तक फैले हुई है। कभी इस आंदोलन को पंजाब का आंदोलन बताया गय तो कभी छोड़े, बड़े किसान का आंदोलन बताया गया। जात, पात के नाम पर भी आंदोलन को तोडऩे का प्रयास हुआ। आंदोलन टूटने की बजाए मजबूत हुआ है। जितना लंबा आंदोलन चला है उतना आंदोलन मजबूत हुआ है। इस मौके पर सतबीर पहलवान, मनोज बड़ौदा, रवि पूनिया, जयपाल भागल, अनीष खटकड़, अमरजीत मोहड़ी, विक्रम कसाना, मोहित नैन, जयपाल भागल, नरेश बेलरखा, बंटू धमतान मौजूद रहे।