महोत्सव के अंतिम दिन पर्यटकों का गर्मजोशी के साथ स्वागत कर रुखसत हुए शिल्पकार और कलाकार, सरस व शिल्प मेला हुआ संपन्न ।
अंतिम दिन भारी संख्या में पर्यटकों ने की जमकर खरीदारी ।
सरस और क्राफ्ट मेले को कुरुक्षेत्र में मिली स्थाई पहचान ।
विभिन्न राज्यों के हजारों कलाकारों ने दिखाए अपनी-अपनी कला के हुनर ।
न्यूज़डेक्स संवाददाता-
कुरुक्षेत्र । अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2022 ने राष्ट्र ही नहीं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक पहचान बना ली है। इस महोत्सव के क्राफ्ट और सरस मेले के अंतिम दिन शिल्पकार और कलाकार रुखसत होने से पहले अपने स्टॉलों और घाटों पर पर्यटकों गर्मजोशी के साथ स्वागत करते नजर आए और जाते-जाते कभी अलविदा ना कहना…अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2023 अगले वर्ष में फिर मिलेंगे का वादा किया। यह महोत्सव पूर्ण सुरक्षा और व्यवस्था के बीच सफल आयोजन के साथ सम्पन्न हुआ। अहम पहलु यह है कि आगामी वर्ष में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2023 में 22 दिसंबर 2023 के दिन दीपदान कार्यक्रम होगा।
उपायुक्त शांतनु शर्मा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव 2022 को यादगार और सफल बनाने के लिए अधिकारियों, कर्मचारियों, मीडिया कर्मियों और शहर का आम नागरिकों का भरपूर सहयोग मिला। सभी के सांझे प्रयासों से यह महोत्सव सफलता पूर्ण रुप से सम्पन्न हुआ। अब इस महोत्सव ने लोगों के दिलों में अपनी स्थाई पहचान बना ली है। इस महोत्सव में यह देखने को मिला कि हरियाणा ही नहीं देश के कोने-कोने से लोग शिल्पकला का दीदार करने के लिए पहुंचे है। सोशल साईटस के जरिए इस महोत्सव की झलकियां को दुनिया के कोने-कोने में बैठकर लोगों ने देखा है। इस महोत्सव का लाखों लोगों ने अवलोकन किया।
उन्होंने कहा कि ब्रह्मसरोवर तट पर 19 नवंबर से 6 दिसंबर 2022 तक चले अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2022 का विधिवत समापन हुआ। महोत्सव में आए शिल्पकार अगले साल फिर से आने का वादा कर रुखसत हुए। इस उत्सव में देश व प्रदेश के कोने-कोने से सांस्कृतिक कलाकारों व शिल्पकारों ने भाग लिया। यहां के लोगों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम देखकर कलाकारों का हौसला बढ़ाया। ठंड का मौसम होने के बावजूद रोजाना पर्यटकों व श्रद्धालुओं ने इस महोत्सव में आकर जमकर खरीदारी की। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में देश-विदेश के लाखों पर्यटकों व श्रद्धालुओं ने शिरकत की है।