Home haryana बाढ़ और महंगाई से जूझ रही जनता के जले पर नमक छिड़क रही है बीजेपी-जेजेपीः हुड्डा 

बाढ़ और महंगाई से जूझ रही जनता के जले पर नमक छिड़क रही है बीजेपी-जेजेपीः हुड्डा 

by ND HINDUSTAN
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भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पानी के बिलों में 25 प्रतिशत बढ़ोत्तरी का किया विरोध

कहा- एकतरफ मौसम और दूसरी तरफ मंहगाई की मार के बीच पिस रही है जनता

बाढ़ग्रस्त इलाकों में फैली बीमारियां, अस्पतालों में लगी मरीजों की कतार- हुड्डा 

किसानों, दुकानदारों व कारोबारियों को जल्द मुआवजा दे सरकार- हुड्डा 

न्यूज डेक्स संवाददाता

चंडीगढ़। हरियाणा की जनता के ऊपर एक तरफ मौसम तो दूसरी तरफ महंगाई की मार पड़ रही है। बीजेपी-जेजेपी सरकार जनता की जेब काटने का कोई भी मौका नहीं चूकती। यह कहना है पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा का। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा पानी के बिलों में 25% तक की बढ़ोतरी पर प्रतिक्रिया दे रहे हुड्डा का कहना है कि प्रदेश की जनता पहले से ही आसमान छूती महंगाई का दंश झेल रही है। ऐसे में पानी के बिलों में बढ़ोतरी करके बीजेपी-जेजेपी ने जनता के जले पर नमक छिड़कने का काम किया है।

हुड्डा का कहना है कि अबतक जनता कोरोना महामारी की वजह से हुए नुकसान से उबरी भी नहीं थी कि अब बाढ़ ने अपने आगोश में ले लिया। इस मुश्किल वक्त में सरकार जनता को कोई राहत देने की बजाय उसकी आफत बढ़ाने में लग गई है। आज सरकार का पूरा फोकस बाढ़ नियंत्रण और राहत कार्यों पर होना चाहिए था। लेकिन ऐसे वक्त में भी सरकार जनता की जेब काटने में लगी है। 

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि प्रदेश के ज्यादातर जिले पूरी तरह बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं। जलभराव की वजह से लोगों को खाने-पीने के सामान से लेकर बिजली-पानी और मवेशियों के चारे तक की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। किसानों की लाखों एकड़ खेती पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। जल निकासी के लिए सरकार द्वारा उचित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। जलभराव की वजह से अब बाढ़ ग्रस्त इलाकों में बीमारियां फैलने भी शुरू हो गई है। लेकिन उसकी रोकथाम के लिए भी सरकार ने कोई योजना नहीं बनाई। डॉक्टर व पैरा-मेडिकल के खाली पदों पर भर्ती न करने के चलते पहले से ही अस्पतालों में डॉक्टर व अन्य स्टाफ का टोटा है, अस्पतालों में मरीजों की लंबी कतारें लगी हैं। ऐसा लगता है मानो बीजेपी-जेजेपी ने जनता को भगवान भरोसे छोड़ दिया है। 

इंसानों के साथ बाढ़ की वजह से पशुओं में भी खुर मुंह जैसी अनेक बीमारियां फैल गई हैं। गौशालाओं में पानी भरने से गोवंश सड़कों पर आ गया है। उसके लिए भी सरकार ने कोई व्यवस्था नहीं की। पशु चिकित्सकों के लगभग आधे पद पहले से खाली पड़े हुए हैं। 

हुड्डा ने कहा कि सरकार की लापरवाही और अनदेखी की जनता को बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है। ऐसे में कम से कम अब तो सरकार को नींद से जागना चाहिए। उसे जल निकासी के लिए ज्यादा से ज्यादा संसाधन जुटाने चाहिए। गांववालों को जनरेटर और डीजल उपलब्ध करवाने चाहिए। साथ ही किसानों को 40 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा देना चाहिए। मकानों, दुकानदारों और कारोबारियों को हुए नुकसान का भी उचित आंकलन करके सभी को मुआवजा देने की प्रक्रिया जल्द शुरू होनी चाहिए।

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