न्यूज़ डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र । विद्या भारती हरियाणा द्वारा गीता निकेतन आवासीय विद्यालय, कुरुक्षेत्र में प्रांत स्तरीय आठ दिवसीय (25 सितंबर 2024 से 2 अक्टूबर 2024) ‘मेधावी छात्र’ कार्यशाला के द्वितीय चरण का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला का प्रथम चरण 1 से 7 जनवरी 2024 को आयोजित किया गया था।कार्यशाला में हरियाणा प्रांत के विभिन्न विद्यालयों से कक्षा दशमी एवं द्वादशी के लगभग 75 मेधावी छात्र एवं उनके संरक्षक आचार्य उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को विभिन्न विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन प्रदान कर, उनके अनुभवों से अभिप्रेरित करना और उन्हें जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए आवश्यक गुणों से सशक्त बनाना है।
कार्यशाला का विधिवत उद्घाटन 25 सितंबर 2024 को नैमिषारण्य सभागार, संस्कृति भवन, गीता निकेतन परिसर, कुरुक्षेत्र में हुआ। उद्घाटन सत्र का शुभारंभ माँ शारदा के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। सरस्वती वंदना के पश्चात गीता निकेतन आवासीय विद्यालय के प्राचार्य नारायण सिंह जी ने सभी महानुभावों का स्वागत और परिचय कराया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, डॉ. अनुज भाटिया (पूर्व छात्र गीता निकेतन आवासीय विद्यालय एवं बाल शल्य चिकित्सक, राम अस्पताल, कुरुक्षेत्र), ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन व्यक्तित्व निर्माण का सर्वोत्तम समय है। उन्होंने विद्यार्थियों को विषय की मूलभूत अवधारणा को समझने, अपनी मातृभाषा पर गर्व करने, व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ नेतृत्व कौशल विकसित करने का आह्वान किया।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक जी ने अपने प्रेरक उद्बोधन में अनेक प्रशासनिक अनुभवों के माध्यम से विद्यार्थियों को निरंतर सीखते रहने और चुनौतियों का सामना धैर्यपूर्वक करने की प्रेरणा प्रदान की।
इसके उपरांत विद्यालय की संगीताचार्या सविता सेठ जी और विद्यार्थियों द्वारा हिम्मत कभी न हारो शीर्षक समूहगान की प्रस्तुति ने सभी में नव ऊर्जा का संचार किया। छात्र भैया वेदांश द्वारा एकल गीत प्रस्तुत किया गया।
विद्या भारती उत्तर क्षेत्र के संगठन मंत्री माननीय विजय नड्डा जी ने कार्यशाला के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की बहुमुखी प्रतिभा और अंतर्निहित गुणों को विकसित करने हेतु एक व्यापक मंच प्रदान करना है। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि परिश्रमी, साहसी, धैर्यवान, बुद्धिमान, और पराक्रमी व्यक्ति ही ईश्वर कृपा प्राप्त करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को विद्या के साथ-साथ श्रद्धा और विनम्रता जैसे जीवन मूल्यों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया।
हिंदू शिक्षा समिति हरियाणा के माननीय अध्यक्ष डॉ॰ ऋषिराज वशिष्ठ जी ने सभी अतिथियों और उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस उद्घाटन सत्र में आदरणीय रामकुमार जी, शेषपाल जी एवं हरियाणा प्रांत के विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।