सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित
डीसी ने सड़कों पर साइन बोर्ड, जेब्रा क्रॉसिंग, लाइटें लगवाने के दिए निर्देश
एनडी हिन्दुस्तान
रेवाड़ी। जिला में सड़कों को यातायात के लिए सुरक्षित बनाना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इसके लिए सड़क निर्माण कार्य से जुड़े विभागीय अधिकारियों को सदैव यह प्रयास करना चाहिए कि वे अपनी सड़कों को वाहन चालकों के लिए सुविधाजनक किस प्रकार से बनाएं।
डीसी अभिषेक मीणा ने आज सचिवालय सभागार में सड़क सुरक्षा समिति की जिलास्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए ये शब्द कहे। उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक डा. मयंक ने अथक प्रयास कर जिला में सर्वे करवा कर ब्लैक स्पॉट्स का चिन्हित किया है। इन सभी ब्लैक स्पॉट पर सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए दिए गए सुझावों पर अमल होना चाहिए। लोक निर्माण विभाग, एचएसवीपी, राजमार्ग प्राधिकरण, नेशनल हाई-वे पीडब्ल्यूडी, एचएसआईडीसी आदि विभागों के अधीन पालावास, मसानी, गोकलगढ़, हासांका आदि गांवों से गुजर रही सडक़ों पर जो भी ब्लैक स्पॉट पाए गए हैं, उनको आने वाले एक माह में दूर किया जाए।
डीसी ने कहा कि पालावास चौक पर साइनेज बोर्ड लगवाए जाएं। अभय सिंह चौक के समीप बीएंडआर व एचएसवीपी दो स्लीप रोड का निर्माण कार्य शुरू करवाएं, जिससे कि आवागमन में वाहन चालकों को परेशानी ना हो। इस कार्य में अंडरपास बनने का इंतजार ना करें। पहले स्लीप रोड बनाने का काम शुरू कर दें। उन्होंने कहा कि रेवाड़ी से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों, गांव बालधन कलां की मेन रोड, शहर के सरकुलर रोड़ सहित अन्य सड़कों व चौराहों पर राहगीरों व वाहन चालकों की सुरक्षा के मद्देनजर आवश्यक कार्यवाही अमल में लाते हुए क्षतिग्रस्त सड़कों की तुरंत प्रभाव से मुरम्मत करवाना सुनिश्चित करें।
डीसी ने कहा कि जिला में सभी अवैध कट तुरंत प्रभाव से बंद करवाए जाएं। उन्होंने सर्विस रोड़ को ठीक करवाने के निर्देश भी दिए। संबंधित विभाग अपने अधिकार क्षेत्र की सड़कों पर गढ्ढों को दुरूस्त करने के साथ ही टी-प्वाइंट आदि आवश्यक स्थानों पर साईन बोर्ड और ब्रेकर बनवाएं। उन्होंने नगर परिषद के ईओ संदीप मलिक को निर्देश दिए कि शहर में नालों की सफाई करवाई जाए तथा बेसहारा पशुओं को पकड़ने का अभियान इसी प्रकार जारी रखें।
इस अवसर पर एसपी डा. मयंक, आरटीए सचिव व एसडीएम रेवाड़ी सुरेन्द्र सिंह, बावल के एसडीएम उदय सिंह, डीएसपी डा. रविंद्र, विनोद शंकर, विद्यानंद, लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता सतेंद्र श्योराण, एचएसवीपी के कार्यकारी अभियंता अमित गोदारा इत्यादि मौजूद रहे।