एनडी हिन्दुस्तान
चंडीगढ़। हरियाणा में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने पर राज्य व जिला स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्य समारोह अंबाला में हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री ने भाग लिया, जबकि अन्य मंत्री और अधिकारी विभिन्न जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हुए। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने वंदे मातरम् के इतिहास, रचना और स्वतंत्रता आंदोलन में उसकी भूमिका पर प्रदर्शनी लगाई, जिसे विद्यार्थियों और नागरिकों ने देखा। प्रधानमंत्री का संबोधन भी लाइव प्रसारित किया गया।
सोनीपत, पानीपत, हिसार, जींद, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र में आयोजित जिला कार्यक्रमों में मंत्रियों ने स्पष्ट कहा कि वंदे मातरम् केवल गीत नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम की चेतना, एकता, त्याग, मर्यादा और राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक रहा है। बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा 1875 में रचित इस गीत ने उस दौर में युवा क्रांतिकारियों में जोश जगाया और आज़ादी की लड़ाई को दिशा दी। वक्ताओं ने इसे राष्ट्र की आत्मा, प्रेरणा, वीरता और संस्कृति का दर्पण बताया तथा इसे भारत को मां के रूप में देखने वाली दृष्टि का प्रतीक कहा।