एनडी हिन्दुस्तान
कुरुक्षेत्र। मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर में आयोजित अखिल भारतीय देवस्थानम् सम्मेलन कार्यक्रम के दौरान कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की विधि विभाग की छात्रा उपासना ने अपनी विशिष्ट योग्यता और प्रभावशाली भाषा-दक्षता से सभी का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम में आए भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने अंग्रेज़ी में अपना उद्बोधन दिया, जिसका हिंदी में अनुवाद उपासना ने अत्यंत सहज, स्पष्ट और संतुलित तरीके से किया।
कार्यक्रम के दौरान हजारों श्रोताओं और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में उपासना ने बिना किसी झिझक और पूरे आत्मविश्वास के साथ उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन के विचारों को हिंदी में प्रस्तुत किया। उनके अनुवाद की गुणवत्ता, उच्चारण की स्पष्टता और विषयगत समझ को देखते हुए समारोह में उपस्थित हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज, सभी अधिकारियों, विद्वानों और प्रतिभागियों ने उनकी सराहना की।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने उपासना की इस उपलब्धि को विश्वविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया। प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि इतनी बड़ी राष्ट्रीय स्तर की शख्सियत के उद्बोधन का सफलतापूर्वक अनुवाद करना किसी भी छात्र के लिए अत्यंत सम्मान की बात है और उपासना ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को और ऊँचा किया है।
कुलसचिव डॉ. वीरेन्द्र पाल ने कहा कि अखिल भारतीय देवस्थानम् सम्मेलन कार्यक्रम भारतीय परंपरा, संस्कृति और अध्यात्म की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे प्रतिष्ठित मंच पर उपराष्ट्रपति के संदेश को जनसामान्य तक पहुंचाने का कार्य संभालना उपासना के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही। कार्यक्रम के अंत में उपासना का आयोजकों की ओर से विशेष रूप से धन्यवाद भी दिया गया।
उपासना की इस उपलब्धि ने न केवल विधि विभाग बल्कि पूरे कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को गौरवान्वित किया है। उनकी सफलता ने यह संदेश दिया कि विश्वविद्यालय के छात्र न केवल शैक्षणिक क्षेत्र में बल्कि भाषाई कौशल और सांस्कृतिक आयोजनों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने में सक्षम हैं।