स्वामी विवेवकानंद ने भारतीय संस्कृति और अध्यात्म को विश्व पटल पर एक नई पहचान दीः प्रो. दविंदर सिंह
कुवि डॉ. डॉ बी.आर. अम्बेडकर स्टडीज द्वारा राष्ट्रीय युवा दिवस का आयोजन
एनडी हिन्दुस्तान
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में सेंटर ऑफ डॉ बी.आर. अम्बेडकर स्टडीज, द्वारा सोमवार को सीनेट हॉल में में स्वामी विवेकानंद जी की 163वीं जयन्ती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय युवा दिवस का आयोजन किया गया ।
कार्यक्रम का शुभारम्भ गीता मनीषी पूज्य स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज, प्रो. देवेंदर सिंह, कुलगुरु राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय सोनीपत, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. वीरेंद्र पाल एवं अम्बेडकर सेंटर के डायरेक्टर डॉ. प्रीतम सिंह ने मां भारती और स्वामी विवेकानंद जी के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित करके किया।
इस समारोह के मुख्य अतिथि गीता ज्ञान संस्थान, कुरुक्षेत्र के संस्थापक गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने स्वामी विवेकानंद जी के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज के युवाओं के लिए मार्गदर्शक है। स्वामी विवेकानंद ने केवल ज्ञान का उपदेश नहीं दिया, बल्कि उसे कर्म में बदलकर दिखाया। स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने कहा कि स्वामी जी के विचार आज के दौर में और भी अधिक प्रासंगिक हो गए हैं, क्योंकि वे मानसिक सुदृढ़ता और आत्म-साक्षात्कार की ओर ले जाते हैं। उन्होंने बच्चों को नशे से दूर रहने के लिए संकल्प लेने को कहा
विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय सोनीपत के कुलगुरु प्रो. दविंदर सिंह ने स्वामी विवेकानंद की जीवनी पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारतीय संस्कृति और अध्यात्म को विश्व पटल पर एक नई पहचान दी। कुलगुरु प्रो. दविंदर सिंह ने युवाओं को प्रेरित करते हुए बताया कि विवेकानंद का जीवन साहस, आत्मविश्वास और राष्ट्रभक्ति का जीवंत उदाहरण है, जिसे अपनाकर आज का युवा किसी भी वैश्विक चुनौती का सामना कर सकता है।
कार्यक्रम में डॉ. भीम राव अम्बेडकर अध्ययन केंद्र के निदेशक डॉ. प्रीतम सिंह ने स्वामी विवेकानंद जी की जीवनी पढने के लिए प्रोत्साहित किया और अध्ययन केंद्र की उपलब्धियों और गतिविधियों से सभी श्रोताओं को अवगत कराया। उन्होंने डॉ. अम्बेडकर के सामाजिक न्याय और स्वामी विवेकानंद जी के आध्यात्मिक उत्थान को रेखांकित किया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि वर्ष 2024 ओलंपिक के शूटिंग में कांस्य पदक विजेता और अर्जुन अवार्डी सरबजोत सिंह रहे जिन्होंने छात्रों को लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता भारतीय शिक्षण मंडल, दिल्ली संभाग के संगठन मंत्री सचिव गणपति अनंत तेती रहे जिन्होंने अपने अत्यंत उर्जावान और प्रेरणादायी उद्बोधन और प्रसंगों द्वारा स्वामी विवेकान्द जी के जीवन पर प्रकाश डाला और युवाओं को अपने ओजस्वी विचारों द्वारा अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। समारोह में एनसीसी कैडेटस और एनएसएस स्वयंसेवकों जिनमे कुमारी दृष्टि, कुमारी अनु और लेफ्टिनेंट किरण को स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने सम्मानित किया।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव लेफ्टिनेंट प्रो. वीरेंदर पाल ने स्वामी विवेकानंद जी के जीवन प्रसंग पर बोलते हुए आज के समय में युवाओं को उनसे प्रेरणा लेने के लिए आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन राष्ट्रसेवा और अनुशासन का प्रतीक है।
अंत मे कुवि एनएसएस कोऑर्डिनेटर एवं मुख्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. आनंद कुमार ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया। इस कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन डॉ. संगीता द्वारा किया गया।
समारोह में प्रो. रमेश सिरोही, प्रो. परवेश भोरिया, रोहतक से डॉ. स्नेह, जींद से डॉ. जितेन्द्र कुमार, संघ के वरिष्ट कार्यकर्ता हरीश कुमार, रणजीत सैनी भी उपस्थित रहे। कार्यालय सहायक पवन कुमार, जतिन कुंडल, रचिता मित्तल, विक्रम, प्रवीण, शोधार्थी कीकर सिंह एवं एनएसएस स्वयंसेवी ओजस्विनी आदि ने भी कार्यक्रम मे अहम् भूमिका निभाई ।