कुवि में हरियाणा राज्य स्टार्टअप नीति 2022 पर मेगा कार्यशाला
एनडी हिन्दुस्तान
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में टेक्नोलॉजी इनक्यूबेशन सेंटर (कुटिक) और कम्युनिटी इनक्यूबेशन सेंटर (सीआईसी) ने स्टार्टअप हरियाणा (उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, हरियाणा सरकार) के सहयोग से यूआईईटी के एमवी सदन में संवेदीकरण और जागरूकता कार्यशाला का सफल आयोजन किया।कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव लेफ्टिनेंट प्रो. वीरेंद्र पाल, ने कहा कि विश्वविद्यालय नवाचार (इनोवेशन) की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य छात्रों की मानसिकता को नौकरी खोजने वाले से बदलकर नौकरी देने वाला बनाना है। यह कार्यशाला आत्मनिर्भर छात्र समुदाय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। लेफ़्टिनेंट प्रो. वीरेंद्र पाल ने कहा कि 2047 में विकसित भारत में युवा उद्यमियों का अधिक योगदान होगा ।राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्टार्टअप को लेकर सभी प्रावधानों को शामिल किया गया है कि इससे हमारे विद्यार्थी लाभान्वित होंगेविशिष्ट अतिथि, डीन इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी व यूआईईटी संस्थान के निदेशक प्रो. सुनील डीगरा ने छात्रों के तकनीकी सशक्तिकरण पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि नवाचार इंजीनियरिंग की धड़कन है। कुटिक और यूआईईटी के माध्यम से हम छात्रों को वह बुनियादी ढांचा और मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिससे कोई भी शानदार विचार संसाधनों की कमी के कारण अधूरा न रहे। प्रोफ़ेसर ढींगरा ने कहा कि 10 वर्ष पूर्व कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने स्टार्टअप के क्षेत्र में जो मशाल जलायी थी और वह निरंतर इस दिशा में प्रकाश दिखाने का कार्य कर रही है।स्टार्टअप हरियाणा के विशेषज्ञों के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल, जिसमें श्री परसून, सुश्री अनुश्री और सुश्री ईशा शामिल थे, ने एक विशेष तकनीकी सत्र का संचालन किया। टीम ने हरियाणा राज्य स्टार्टअप नीति 2022 के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यशाला में छात्र उद्यमियों और संकाय सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर विशेषज्ञ टीम द्वारा विद्यार्थियों से विभिन्न प्रकार के प्रश्न पूछे गये और सही उत्तर देने वाले विद्यार्थियों को मौक़े पर ही स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया ताकि विद्यार्थियों की जिज्ञासा इस दिशा में ज्यादा से ज़्यादा केंद्रित हो सके।कुटिक समन्वयक लेफ्टिनेंट (डॉ.) अजय जांगड़ा ने कहा कि इस तरह की पहल अकादमिक विचारों को सफल व्यावसायिक उद्यमों में बदलने के लिए सफलता का पहला कदम हैं। कार्यक्रम के अंत में डॉ. प्रियंका जांगड़ा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। उन्होंने छात्रों को कुटिक द्वारा दी जा रही इनक्यूबेशन सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।इस अवसर पर (डॉ.) अजय जांगडा़, डॉ कविता दहिया, डॉ विशाल अहलावत डॉ रीटा, डॉ अनुराधा डॉ सुनील नैन , डॉ उपेन्द्र, डॉ. प्रज्ञा चान्दी डॉ दिव्या, सोनिया सैनी, डॉ मनजीत, हरनेक सैनी, हरिकेश पपोसा, आदि मौजूद रहे!