अंग्रेजों की तर्ज पर केन्द्र सरकार ने नया कृषि बिल लोगों पर थोपने का कार्य किया है : बवेजा
न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र, 28 सितंबर। किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मधु सूदन बवेजा ने कहाकि देश की केन्द्र सरकार ने आम जनता पर जबरदस्ती अत्याचारी कानून लादने में 1947 से पहले की अंग्रेजों की सरकार को भी पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहाकि नया कृषि बिल अंग्रेजों की तर्ज पर देश की जनता पर थोपा है। बवेजा ने कहाकि केन्द्र सरकार ने केवल जमाखोरों को लाभ पहुंचाने के लिए नया कृषि कानून बनाया है।
उन्होंने कहाकि सरकार कि मंशा स्पष्ट होती है यह नया बिल तो सिर्फ अम्बानी और अडानी जैसे व्यापारियों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाया गया है। किसान कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग करता है तो कोई विवाद होने पर एसडीएम के पास जा सकता है, जबकि पहले वह कोर्ट जा सकता था। इस तरह की पाबंदी क्यों लगाई गई।
बवेजा ने कहाकि इससे तो साफ जाहिर होता है कि सरकार किसानों को बांध रही है और कॉर्पोरेट कंपनियों को खुला छोड़ रही है जिसके लिए उन्हें कोई फसल खरीदने के लिए कोई लाइसेंस की जरूरत नहीं है। जिला अध्यक्ष ने कहा कि आवश्यक वस्तु संशोधन विधेयक 2020 भी पारित कर दिया गया है। इस संशोधित विधेयक अधिनियम के तहत अब आवश्यक कमोडिटीज़ के अन्तर्गत अनाज, दालें, तिलहन, आलू और प्याज नहीं आएगा। 1
5 सितंबर को इस विधेयक पर लोकसभा ने मंजूरी दी थी जिसे राज्यसभा में भी ध्वनि मत से पारित कर दिया। अब मंजूरी भी मिल गई। पहले इन जरूरी वस्तुओं के लिमिट से ज्यादा भंडारण पर रोक लगी हुई थी जिसके चलते दालों, तिलहन, अनाज, आलू और प्याज के दामों पर कुछ कंट्रोल रहता था लेकिन मोदी सरकार द्वारा यह वस्तुएं आवश्यक वस्तुओं की लिस्ट से बाहर कर दिए जाने के कारण अब जमाखोर जमकर लूट मचाएंगे और इसकी स्टोरेज करके मनचाहे दामों पर बेचने का काम करेंगे। बवेजा ने कहाकि देश भर में किसान आंदोलन कर रहे है लेकिन सरकार को दिखाई नहीं दे रहा है।