Home Chandigarh जन औषधि केंद्र खोलने का मुख्य उद्देश्य गरीब लोगों को सस्ती दरों पर जेनरिक दवाइयां उपलब्ध करवाना है: राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा

जन औषधि केंद्र खोलने का मुख्य उद्देश्य गरीब लोगों को सस्ती दरों पर जेनरिक दवाइयां उपलब्ध करवाना है: राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा

by ND HINDUSTAN
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एनडी हिन्दुस्तान

 रोहतक।  राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार लोगों को मूलभूत सुविधाएं देने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य के प्रति भी प्रतिबद्ध है। इसी के चलते सभी जिला मुख्यालयों पर सामान्य अस्पतालों और पीजीआई आदि मुख्य चिकित्सा संस्थान में जन औषधि केंद्र खोलने गए हैं, ताकि लोगों को वहां पर सस्ती दरों पर जेनरिक दवाई मिल सके। 

राज्य सभा सांसद जांगड़ा शुक्रवार को स्थानीय सामान्य अस्पताल में जन औषधि दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्यअतिथि अपना संदेश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि पूरे देश में 7 मार्च जन औषधि दिवस के रूप में मनाया जाता है।  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने  जब 2014 देश की बागडोर संभाली, तभी आमजन के स्वास्थ्य की तरफ ध्यान दिया और जन औषधि केंद्र खोले। उन्होंने कहा कि बड़ी-बड़ी कंपनियां ब्रांडेड दवा के नाम पर लोगों से अधिक पैसे वसूलने का काम करती थी, जिससे बीमार लोगों पर आर्थिक बोझ भी पड़ता था। जन औषधि केंद्र खोलने का उद्देश्य लोगों को सस्ती दरों पर जेनरिक दवाई उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि 28 जनवरी 2025 तक पूरे देश भर में 15000 जन औषधि केंद्र खोले जा चुके हैं। ये जेनरिक दवा डब्ल्यूएचओ के पैमाने पर आधारित गुणवता की है। जेनेरिक दवाइयां का सबसे बड़ा डिपो गुरुग्राम के अंदर है जहां से पूरे देश  जेनेरिक दवाइयां वितरित की जाती हैं। उसके बाद चार सब डिपो हैं, जिनमें चेन्नई, हैदराबाद, बैंगलौरु और गुवाहाटी में है। जन औषधि केंद्र महिलाओं को पूर्व सैनिकों को,  दिव्यांगों को और विधवाओं को वितरित किए जाते हैं। जन औषधि  केंद्र खोलने के लिए उनको 200000 तक की सहायता दी जाती है। जो जन औषधि केंद्र खोलते हैं, उनको एमआरपी पर 20% कमीशन दिया जाता है। यह जन हित के लिए है। उन्होंने कहा कि जन औषधि केंद्र के माध्यम से प्रधानमंत्री की सोच से पिछले 10 सालों में 30000 करोड़ रूपया गरीब लोगों का बचा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 तक 10000 और नए जन औषधि केंद्र खोलने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि अनेक ऐसी दवाइयां हैं जो मार्केट में महंगी मिलती हैं और जन औषधि केदो पर वे जेनेरिक दवाइयां बहुत अधिक सस्ती दरों पर मिल जाती हैं। 

उन्होंने कहा कि जब से नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने हैं तब से देश में गरीब लोगों के हित में योजनाएं लागू की जा रही हैं। सरकार का मुख्य लक्ष्य गरीब लोगों को आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक न्याय दिलाना है। उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश में भाजपा सरकार ने पारदर्शिता के साथ और मेरिट के आधार पर नौकरियां देने का काम किया है, जिसका संदेश पूरे देश भर में गया है। इसका मुख्य उद्देश्य पंक्ति में खड़े अंतिम पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ और उनका हक दिलाना है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री का लक्ष्य है कि 2047 तक भारत पूर्ण रूप से विकसित हो, इसी दिशा में हरियाणा प्रदेश आगे बढ़ रहा है। इस दौरान उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों को कहा कि वे अस्पताल में आने वाले गरीब लोगों को जन औषधि केंद्रों पर दवाइयां लेने के बारे में जागरूक करें ताकि उनका पैसा बच सके। इस दौरान उन्होंने यहां पर स्थापित जन औषधि केंद्र का निरीक्षण भी  किया। कार्यक्रम में  सामान्य अस्पताल के सभी चिकित्सा अधिकारी व सब स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।

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