Home haryana किसानों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए मोदी सरकार ने उठाए उचित कदम: कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा

किसानों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए मोदी सरकार ने उठाए उचित कदम: कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा

by ND HINDUSTAN
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 प्रधानमंत्री किसान उत्सव दिवस का आयोजन

  पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त के तहत प्रधानमंत्री ने एक क्लिक से हरियाणा के 353 करोड़ रुपये की राशि 16.77 लाख पात्र किसानों के बैंक खाते में की स्थानांतरित :  कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा

 जिला के 80,794 पात्र किसानों के खातों में लगभग 18 करोड़ रुपये की राशि हुई स्थानांतरित

एनडी हिन्दुस्तान

 करनाल ।
 हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम आज एक उत्सव दिवस के रूप में मनाया गया। इस उत्सव के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त के तहत हरियाणा राज्य के 16.77 लाख पात्र किसानों को 353 करोड़ रुपये की राशि किसानों के आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे डी0बी0टी के माध्यम से स्थानांतरित की है। करनाल जिला में भी 20वीं किस्त के अंतर्गत 80,794 पात्र किसानों को लगभग 18 करोड़ रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खाते में डी0बी0टी के माध्यम से स्थानांतरित की गई है। इसके अतिरिक्त हरियाणा राज्य में अब तक 19 किस्तों के माध्यम से राज्य के पात्र किसानों को 6563.67 करोड़ रुपये का लाभ दिया जा चुका है।
कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा शनिवार को स्थानीय एनडीआरआई के ऑडिटोरियम में पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त जारी किए जाने के लिए आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि यह हम सब के लिए हर्ष की बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पीएम किसान उत्सव दिवस के अवसर पर बनौली, वाराणसी, उत्तर प्रदेश से वर्चुअल तौर पर देश के लाखों किसानों से जुडक़र पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 20वीं किस्त के तहत 9 करोड़ 70 लाख से अधिक किसानों के खाते में 20500 करोड़ रूपये की सम्मान राशि एक क्लिक से सीधे उनके बैंक खाते में भेजने का काम किया है जोकि एक बहुत बड़ा सराहनीय कदम है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को प्रत्येक चार महीने के अन्तराल में दो हजार रुपये की तीन समान किस्तों में प्रति वर्ष छह हजार रुपये का आर्थिक लाभ सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से स्थानांतरित किए जाते हैं। कृषि मंत्री ने कहा कि देश के किसान परिवारों के लिए सकारात्मक अनुपूरक, समय पर खाद, बीज व आर्थिक सहायता के लिये और सतत कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 24 फरवरी, 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा प्रदेश सहित देश में सभी राज्यों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पी0एम0 किसान) का आरम्भ किया था तभी से इस योजना के तहत छोटे से लेकर बड़े किसान को बिना भेदभाव के एक समान आर्थिक लाभ दिया जा रहा है।
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन के दौरान देश की जनता का आह्वान किया कि वे स्वदेशी वस्तुओं को अपनाएं और अपने देश के पैसे को अपने देश में ही रखें। तभी भारत देश दुनिया में अपनी अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ कर पाएगा और देश तीसरी आर्थिक शक्ति बनकर दुनिया के सामने खड़ा होगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने पीएम जनधन योजना के तहत खुले बैंक खातों की केवाईसी की जा रही है, सभी खाताधारक अपनी केवाईसी अवश्य करवाएं ताकि उनको सरकार की योजनाओं का लाभ मिलता रहे। उन्होंने कहा कि विपक्ष की सरकार के कार्यकाल के दौरान फसलों के एमएसपी के नाम पर नाममात्र पैसे की बढ़ोतरी की जाती थी जिससे किसानों का खेती के प्रति रुझान कम हो गया था। लेकिन जब से प्रधानमंत्री नरेंद्री मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी है तब से न केवल फसलों के एमएसपी में अभूतपूर्व वृद्धि की जा रही है बल्कि प्रदेश में भावांतर भरपाई योजना के तहत उनके नुकसान की भी भरपाई की जा रही है ताकि किसान कमजोर न हों, बल्कि उसकी आर्थिक स्थिति को मजबूत रखा जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में फसलों के वाजिब दाम किसानों को दिए गए। इतना ही नहीं खाद, बीज व कीटनाशक दवाईयां तथा कृषि उपकरण भी सस्ती दर तथा अनुदान राशि पर उपलब्ध किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि रोटावेटर के लिए ट्रैक्टर की जरूरत पड़ती है, किसानों की इस जरूरत को समझते हुए इस योजना में राज्य सरकार ने संशोधन के प्रस्ताव को तैयार करके स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा है।
उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा किसानों के हितों में चलाई जा रही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्राकृतिक खेती, मेरी फसल मेरा ब्यौरा, धान की सीधी बीजाई, फसल अवशेष प्रबंधन, भावांतर भरपाई योजना व मृदा स्वास्थ्य आदि अनेक योजनाओं से किसानों को काफी लाभ हो रहा है। हरियाणा राज्य में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना योजना खरीफ-2016 से राज्य में लागू है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अब तक 33.17 लाख किसानों को 9025.58 करोड़ रुपये का बीमा क्लेम वितरित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि सरकार का प्रयास है कि मत्स्य पालन के क्षेत्र को बढ़ाया जाए ताकि किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि पशुधन बीमा योजना में भी सुधार करने पर कार्य किया जा रहा है। इस योजना में पशु बीमा के साथ-साथ दुधारू पशु के थन का भी बीमा करवाने का भरसक प्रयास जारी है। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों से भी अनुरोध किया कि वे ऐसे बीज को सर्टिफाइड करें जिससे उत्पादन भी अधिक हो और गुणवत्ता भी अच्छी हो, विशेषकर धान के बीज को लेकर, क्योंकि धान को मिलिंग के लिए मिलर को दिया जाता है और उनसे बदले में अच्छी क्वालिटी का चावल केंद्र सरकार को भेजा जाता है, लेकिन बीज की गुणवत्ता सही नहीं होने से चावल के टुकड़े की मात्रा अधिक हो जाती है जिससे मिलर को काफी नुकसान उठाना पड़ता है।

प्राकृतिक खेती योजना
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि वर्ष 2024-25 में भी राज्य सरकार ने 26.50 करोड़ रुपये लागत की 25000 एकड़ के लक्ष्य के साथ प्राकृतिक खेती योजना लागू की है। हरियाणा एकमात्र राज्य है जो प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों को 2 एकड़ या उससे अधिक भूमि पर एक देसी गाय की खरीद पर 25000/-रुपये की सब्सिडी प्रदान करता है। इस योजना के अंतर्गत 2500 किसानों को 4 ड्रम प्रति किसान की दर से 75 लाख रुपये, 492 देसी गाय की खरीद के लिए कुल 1.98 करोड़ रुपये अनुदान राशि सीधे किसान के बैंक खाते में स्थानांतरित की गई। वर्ष 2025 से यह सब्सिडी बढ़ाकर 30,000/- कर दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में फसल की खरीद और अन्य सरकारी लाभों के लिए बोई गई फसल का पंजीकरण और सत्यापन किये जाने के लिए 4 जुलाई, 2019 से मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल का आरम्भ किया गया। राज्य सरकार द्वारा पिछले 10 सीजन में 12 लाख किसानों के खातों में 1,40,000 करोड़ रुपये की धनराशि जमा की गई है। धान की सीधी बिजाई योजना (2021) के तहत प्रदेश के 12 जिलों में प्रदर्शन प्लांट लगाने वाले सत्यापित किसान को 4.500 प्रति एकड़ सहायता राशि दी जाती है। वर्ष 2020-21 से पराली प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 1200 रुपये प्रति एकड़ की दर से इन सीटू / एक्स-सीटू प्रबंधन तकनीकों के माध्यम से धान की फसल के अवशेष के प्रबंधन के लिए प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। खरीफ 2024 सीजन में हर किसान को प्रति एकड़ 2000/- रू0 के बोनस की लगभग 1345 करोड़ रुपए की राशि डी0बी0टी0 के माध्यम से सीधे किसानों के खातों में डाली गई।
इस अवसर पर महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय करनाल के उप कुलपति डॉ. एस के मल्होत्रा ने मुख्य अतिथि व अन्य अतिथियों का स्वागत किया और कृषि व बागवानी विभाग के माध्यम से किसानों के लिए चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं की बदौलत फसल उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है तथा किसानों की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है और उनकी जीवन शैली में भी बदलाव आया है।
इस मौके पर एनडीआरआई के निदेशक डॉ. धीर सिंह, संयुक्त निदेशक डॉ. ए के सिंह व राजन शर्मा मंच पर मौजूद रहे तथा कार्यक्रम में डीडीए डॉ. वजीर सिंह, किसान, एफपीओ, स्वयं सहायता समूह के सदस्य, ड्रोन दीदी, अधिकारी व कर्मचारी सहित एनडीआरआई के छात्र-छात्राएं काफी संख्या में मौजूद रहे।

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