एनडी हिन्दुस्तान
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में केयू भूभौतिकी विभाग के स्टूडेंट चैप्टर (केयूजीएस) ने विद्यार्थियों के लिए कुरुक्षेत्र के गांव पबनावा का एक महत्त्वपूर्ण शैक्षिक फील्ड विजिट का आयोजन किया जहाँ केंद्रीय भूजल बोर्ड (सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड), चंडीगढ़ की टीम वेल लॉग डेटा अधिग्रहण का कार्य कर रही थी। इस फील्ड विजिट ने विद्यार्थियों के लिए पाठ्यक्रम में पढ़े सिद्धांतों को वास्तविक जीवन की परिस्थितियों से जोड़ने का अवसर दिया।
इस अवसर पर कार्यक्रम की शुरुआत में छात्रों ने ड्रिलिंग स्थल जाकर प्रत्यक्ष रूप से देखा कि किस प्रकार विभिन्न प्रकार के ड्रिल बिट्स का उपयोग होता है और हर तीन मीटर पर मिट्टी के नमूने एकत्र किए जाते हैं। इसके बाद गामा एवं इलेक्ट्रिकल लॉगिंग तकनीकों का प्रदर्शन हुआ, जिसने छात्रों को भूजल अन्वेषण के व्यवहारिक पहलुओं को समझने का अवसर दिया गया।
सत्र का मार्गदर्शन करते हुए विद्यानंद नेगी, सीनियर हाइड्रोलॉजिस्ट (सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड) ने वेल लॉगिंग की वैज्ञानिक प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाते हुए भूजल खोज के दौरान आने वाली चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला। वहीं सुनील कुमार, जियोफिजिसिस्ट ने भी वेल लॉग डेटा की व्याख्या तथा भूजल संभावनाओं के आकलन पर विस्तार से चर्चा की।
इस अवसर पर केयूजीएस की फैकल्टी एडवाइजर डॉ. मनीषा संधू तथा को-फैकल्टी एडवाइजर डॉ. आरबीएस यादव, डॉ. नरेश सागवाल सहित विभाग के शोधार्थी मौजूद रहे।