केयू यूजीसी एमएमटीटीसी द्वारा डिजीटल शिक्षा के दौर में परिवर्तनकारी क्षमताओं पर हुआ मंथन
एनडी हिन्दुस्तान
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में केयू यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र द्वारा 32 वें आठ दिवसीय ऑनलाइन एनईपी अभिविन्यास और संवेदीकरण कार्यक्रम में 7वें दिन केयू डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. राकेश कुमार ने पहले सत्र में बतौर रिसोर्स पर्सन कहा कि डिजीटल शिक्षा के दौर में एआई की महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षण वातावरण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बना सकती है, क्योंकि यह छात्रों के लिए व्यक्तिगत सीखने के मार्ग तैयार करती है और वास्तविक समय में उनके सीखने के मूल्यांकन का भी आकलन करती है। उन्होंने कहा कि एआई आधारित प्रणालियाँ छात्रों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप संसाधन उपलब्ध कराकर शैक्षिक अनुभव को समृद्ध करती हैं। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों के उपयोग से न केवल शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होता है, बल्कि छात्रों के बीच विषयवस्तु की गहरी समझ भी विकसित होती है, जो भविष्य की शिक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।दूसरे सत्र की रिसोर्स पर्सन डॉ. शिवांगी, श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स एनईपी के संदभ में शोध एवं विकास को लेकर नवीन शैक्षिक प्रथाओं को बढ़ावा देने और पाठ्यक्रम डिजाइन में सुधार करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए व्यवस्थित अनुसंधान की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के समापन अवसर पर पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. अंजू बाला ने केन्द्र की निदेशिका प्रो. प्रीति जैन की ओर से सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।