Home Chandigarh भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने विधानसभा में उठाया आईडीएफसी घोटाले और मनरेगा का मुद्दा

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने विधानसभा में उठाया आईडीएफसी घोटाले और मनरेगा का मुद्दा

by ND HINDUSTAN
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एनडी हिन्दुस्तान

चंडीगढ़ । पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने विधानसभा में आईडीएफसी बैंक में हुए 590 करोड़ के घोटाले और मनरेगा का मुद्दा उठाया। हुड्डा ने कहा कि यह बेहद गंभीर ही गंभीर मामला है। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि अबतक बीजेपी सरकार ने इसके विरुद्ध कोई कदम नहीं उठाया। सरकार सिर्फ टालमटोल करने में लगी है, जबकि बैंक से पहले सरकार को अपनी तरफ से सख्त कदम उठाने चाहिए थे। क्योंकि सरकार के 18 विभागों के खातों में हेराफेरी करके इतने बड़े घोटाले को अंजाम दिया गया है।कार्रवाई करना तो दूर, विधानसभा में भी सरकार का रवैया इतना नकारात्मक है कि वो अपना झूठ तो सुनाना चाहती है लेकिन विपक्ष का सच सुनने को तैयार नहीं है।हुड्डा ने मनरेगा पर बोलते हुए कहा कि मनरेगा कांग्रेस की क्रांतिकारी योजना थी। कांग्रेस सरकार के दौरान देश में सबसे ज्यादा मजदूरी हरियाणा में मजदूरों को दी जाती थी। लेकिन बीजेपी ने सत्ता में आते ही मजदूरों के अधिकारों पर कुठाराघात किया। बीजेपी सत्ता में आते मनरेगा को कमजोर करने में जुट गई थी। कांग्रेस द्वारा संसद में पूछे गए सवाल के जवाब से पता चला कि हरियाणा में 8 लाख से अधिक मनरेगा मज़दूर पंजीकृत थे। लेकिन 2024-25 में सरकार ने सिर्फ 2100 परिवारों को ही 100 दिन का काम दिया। सरकार ने मजदूरों को ना को काम दिया और ना ही स्कीम में प्रावधान के तहत मुआवजा दिया।इसके अलावा पत्रकारों से बातचीत में हुड्डा ने कहा कि सरकार विपक्ष के सवालों से भाग रही है। क्योंकि घोटाले बीजेपी सरकार की पहचान बन चुकी है। बैंक घोटाले से पहले भी दर्जनों घोटाले उजागर हो चुके हैं।हाल ही में श्रम विभाग में डेढ़ हजार करोड़ रुपये का वर्क स्लिप घोटाला उजागर हुआ। यह कोई मामूली घोटाला नहीं, बल्कि लाखों गरीब मेहनतकश मजदूरों के हक पर सरकारी संरक्षण में की गई खुली लूट है। खुलासे के अनुसार लाखों वर्क स्लिप और श्रमिक पंजीकरण फर्जी पाए गए, और करोड़ों रुपये उन लोगों की जेब में चले गए, जिनका मेहनत-मजदूरी से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं था।

इससे पहले, बीजेपी राज में हजारों करोड़ रुपयों के घोटाले हुए, जिनमें शराब घोटाला, खनन घोटाला, ग्वाल पहाड़ी घोटाला, धान घोटाला, सहकारिता घोटाला, FPO घोटाला, HSSC भर्ती घोटाला, कैश फॉर जॉब घोटाला, HPSC रिश्वत घोटाला (दफ्तर में कैश पकड़ा गया), पेपर लीक घोटाला, बाजरा खरीद घोटाला, राशन घोटाला, सफाई फंड घोटाला, रोडवेज किलोमीटर स्कीम घोटाला, HTET घोटाला, छात्रवृति घोटाला, फसल बीमा घोटाला, बिजली मीटर खरीद घोटाला, मेडिकल सामान ख़रीद घोटाला, शुगर मिल घोटाला, अमृत योजना घोटाला, सड़क निर्माण घोटाला, स्टेडियम निर्माण घोटाला, फैमिली आईडी घोटाला, प्रोपर्टी ID घोटाला, आयुष्मान योजना घोटाला, गुरुग्राम नगर निगम घोटाला, फरीदाबाद नगर निगम घोटाला प्रमुख है।हिसार एयरपोर्ट पर 180 करोड़ रुपये का बिना नींव की बाउंड्री वॉल का घोटाला हुआ तो कैथल में सैंकड़ों करोड़ रुपये की कीमती जमीन को महज 12 करोड़ में नीलाम कर दिया गया। यही नहीं, हरियाणा में हुए भर्ती घोटाले ने तो संभवतः देश के सारे घोटालों को पीछे छोड़ दिए।HPSC दफ्तर में अधिकारियों के पास रिश्वत के 3 करोड़ 60 लाख रुपये पकड़े गये। हर प्रतियोगी परीक्षा के पर्चे आउट हुए हैं। हरियाणा में ऐसी कोई भर्ती नहीं हुई जिसका पेपर लीक या परीक्षा रद्द ना हुई हो। घूसखोरी करने वाले अधिकारी से पूछताछ में एक रेट लिस्ट का खुलासा हुआ। डेंटल सर्जन के 35 से 40 लाख, स्टाफ नर्स के 20 लाख, ANM के 10 लाख इसी प्रकार हर छोटी बड़ी पोस्ट के कम और ज्यादा रेट थे। HPSC की वर्ष 2021 की डेंटल सर्जन भर्ती परीक्षा में BJP पार्षद, VHP नेता पर नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये हड़पने का मामला शामिल है।

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