Home National News शोध व्यावहारिक बुद्धि का ही परिणाम है: रामजी दास

शोध व्यावहारिक बुद्धि का ही परिणाम है: रामजी दास

by ND HINDUSTAN
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समय के साथ शोधार्थी नए ज्ञान को ग्रहण करें: आर डी शर्मा

न्यूज डेक्स संवाददाता
कुरुक्षेत्र 27 सितंबर। हरियाणा कॉमर्स एंड मैनेजमेंट एसोसिएशन द्वारा आयोजित की जा रही 7 साप्ताहिक शोध कार्यशाला के छठे सत्र का उद्घाटन यूनिवर्सिटी ऑफ जम्मू के पूर्व कुलपति डॉ रामजदास शर्मा ने किया। स्वमं एक उच्च कोटि के शोधकर्ता होते हुए डॉ शर्मा ने कहा कि शोध का उद्देश्य शोधार्थियों में व्यावहारिक ज्ञान को जगाना तथा प्रयोग में लाना होता है। शोध के ट्रेनिंग में हम इसी व्यावहारिक ज्ञान को जगा रहे होते हैं। आज के समय में विश्विद्यालयों के उद्देश्यों में काफी बदलाव आया है।
एक शिक्षण संस्थान के रूप में प्रारंभ हुए संस्थान ज्ञान के सृजन का केंद्र बने और आज के दौर में उनपर स्किल डेवलपमेंट का दायित्व भी आ गया है। अपने दायित्वों को विश्विद्यालय तभी पूरा कर पाएंगे जब कि वे अपने नए शोधार्थियों जो उच्च कोटि की गुणवत्ता वाली शोध करने के लिए प्रेरित करेंगे। नई शिक्षा नीति के आने के बाद शोध संस्थानों को उच्च गुणवत्ता की शोध न करने पर बन्द किया जा सकता है और उनमें काम करने वाले प्रोफेसरों को शोध में पारंगत होना होगा। उच्च गुणवत्ता वाले शोध में शोध समस्या की बारीकी से जांच करना, डेटा एकत्रित करना, उसका एनालिसिस करना तथा शोध को विद्वतापूर्ण लिखना महत्वपूर्ण हैं और शोधार्थियों को इनपर पूरा ध्यान रखना चाहिए। अपने दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व में शोधार्थियों को सभी काम स्वयं हाथ से करना होता था। पूर्व कुलपति ने अपने शोध कार्यकाल में 112 उच्च दर्जे के शोध पत्र प्रकाशित किये तथा 1100 से अधिक बार उन्हें अन्य शोधार्थियों द्वारा उद्धरित किया गया है। डॉ रामजी दत्त ने हरियाणा कॉमर्स एंड मैनेजमेंट एसोसिएशन के इस गहन कार्यशाला के आयोजन पर उनकी प्रशंसा की तथा कामना की के इसके प्रतिभागी शोध विधि में पारंगत होकर उच्च दर्जे की शोध करेंगे।हरियाणा कॉमर्स एंड मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो तेजेन्द्र शर्मा, चेयरमैन वाणिज्य विभाग, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, ने कार्यशाला की प्रस्तावना रखते हुए बताया कि वे शोध को बढ़ावा देने के लिए एक पारितंत्र विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं ताकि शोधकर्ताओं को उच्च गुणवत्ता वाली शोध करने का माहौल तथा संसाधन उपलब्ध हो सकें। उन्होने ने इस कार्यशाला की मुख्य वक्ता डॉ रमणी स्वर्णा की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज के दौर में इस परकार के परोपकारी विद्वत मिलना मुश्किल है जो कि बिना किसी आशा के आपने ज्ञान दूसरों को बांट रहे हैं। भविष्य में भी इसी प्रकार के विद्वत्ता को मंच प्रदान किया जाएगा तथा गुणवत्ता को सराहा जाएगा।इस कार्यशाला में पंजाब कॉमर्स एंड मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ अश्वनी भल्ला ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया तथा उनका परिचय कराया। डॉ संजीव शर्मा, प्रिंसिपल डायरेक्टर डी ए वी इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट फरीदाबाद ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। मंच संचालन शिवजी कॉलेज नई दिल्ली की डॉ अनुभा ने किया।इस अवसर पर गुजरात कॉमर्स एंड मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ आशीष दवे, एन आई टी के रजिस्ट्रार डॉ एस के मिश्र, जम्मू विश्विद्यालय के वाणिज्य विभाग की अध्यक्षा डॉ हरदीप चहल, डॉ कोमल नगर, डॉ बोधराम, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग के प्रो महाबीर नरवाल, प्रो सुभाष चंद, डॉ रश्मि तथा देश विदेश के 100 से अधिक शोधकर्ता उपस्थित थे। 

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